दुबई पुलिस ने रमजान के महीने में भीख मांगने वालों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कुछ गिरोह लोगों की भावनाओं का फायदा उठाने के लिए नकली चोट और झूठी कहानियों का सहारा लेते हैं। हाल ही में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसके पास से 20,000 दिरहम नकद मिले। यह व्यक्ति लग्जरी कारों को निशाना बनाता था और खुद को जरूरतमंद बताकर लोगों से पैसे मांगता था।

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भीख मांगने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीके

पुलिस ने जांच में पाया है कि भीख मांगने वाले अब हाई-टेक और प्रोफेशनल तरीके अपना रहे हैं। कुछ लोग पट्टियां बांधकर या नकली अंग लगाकर विकलांग होने का नाटक करते हैं। वहीं कुछ गिरोह ऐसा दिखाते हैं कि उनका परिवार गाड़ी में फंस गया है और उनके पास पेट्रोल या सफर के लिए पैसे नहीं हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि अब एआई (AI) का इस्तेमाल करके नकली मेडिकल रिपोर्ट और दस्तावेजों के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। ब्रिगेडियर अली सलेम अल शम्सी ने बताया कि पकड़े गए 99% भिखारी इसे एक पेशे की तरह करते हैं।

नियम तोड़ने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान

संयुक्त अरब अमीरात के कानून के तहत भीख मांगना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए अलग-अलग जुर्माने तय किए गए हैं। भारतीय प्रवासियों को भी इन नियमों का ध्यान रखना चाहिए ताकि वे अनजाने में किसी गलत संस्था को दान न दें।

  • अकेले भीख मांगना: कम से कम 5,000 दिरहम का जुर्माना और 3 महीने तक की जेल।
  • संगठित भीख (गिरोह): इसे चलाने वालों पर 1,00,000 दिरहम का जुर्माना और 6 महीने की जेल।
  • ऑनलाइन भीख: व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर पैसे मांगने पर 10,000 दिरहम का जुर्माना।
  • बिना अनुमति चंदा: बिना परमिट के चंदा इकट्ठा करने पर 2.5 लाख से 5 लाख दिरहम तक का जुर्माना हो सकता है।

आम जनता के लिए पुलिस की सलाह

दुबई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल रजिस्टर्ड संस्थाओं जैसे अमीरात रेड क्रीसेंट या दार अल बेर को ही दान दें। अगर कोई व्यक्ति भीख मांगते हुए दिखता है तो उसे पैसे न दें क्योंकि यह सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। किसी भी भिखारी की सूचना देने के लिए लोग 901 नंबर पर कॉल कर सकते हैं या दुबई पुलिस के ऐप पर ‘पुलिस आई’ सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऑनलाइन भीख मांगने वालों की रिपोर्ट ‘ई-क्राइम’ प्लेटफॉर्म पर की जा सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.