Dubai लगातार छठी बार बना दुनिया का सबसे साफ शहर, 100 प्रतिशत स्कोर के साथ हासिल किया खिताब
दुबई को लगातार छठे साल दुनिया का सबसे साफ शहर घोषित किया गया है. जापान की Mori Memorial Foundation द्वारा जारी ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स में दुबई ने साफ-सफाई के मामले में 100 प्रतिशत स्कोर हासिल किया है. दुबई में काम करने वाले और रहने वाले लाखों भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह एक बड़ी बात है, क्योंकि वे रोज इस बेहतरीन व्यवस्था का हिस्सा बनते हैं. दुबई म्युनिसिपैलिटी के डायरेक्टर जनरल मरवान अहमद बिन गालिता ने इस सफलता का श्रेय सरकार, प्राइवेट सेक्टर और आम लोगों की भागीदारी को दिया है.
साफ-सफाई के लिए दुबई का बड़ा नेटवर्क
दुबई को साफ रखने के लिए दुबई म्युनिसिपैलिटी दिन-रात काम करती है. शहर की सड़कों, रिहायशी इलाकों और पानी की नहरों को साफ रखने के लिए एक बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. इसमें हजारों कर्मचारी और गाड़ियां शामिल हैं. नीचे दिए गए आंकड़ों से आप इस बड़े काम का अंदाजा लगा सकते हैं:
| संसाधन और काम | आंकड़े |
|---|---|
| सफाई कर्मचारी (Sanitation Engineers) | 2,876 |
| सुपरवाइजर और इंस्पेक्टर | 280 |
| सफाई गाड़ियां और मशीनें | 785 |
| कचरा जमा करने वाले यूनिट | 23,300 से ज्यादा |
| मुख्य सड़कों की सफाई | 2,400 किलोमीटर |
| पानी की नहरों की सफाई | 33.4 किलोमीटर |
| वेस्ट मैनेजमेंट बजट | 74.5 अरब दिरहम |
आम लोगों और प्रवासियों के लिए नियम और जुर्माने
दुबई में रहने वाले भारतीयों और अन्य देशों के नागरिकों को यहां के कड़े नियमों का पालन करना होता है. शहर को साफ रखने के लिए प्रशासन ने कुछ नियम बनाए हैं. अगर कोई सड़क पर या सार्वजनिक जगह पर कचरा फेंकता है, तो उस पर 4,000 दिरहम तक का भारी जुर्माना लग सकता है. इसके अलावा दुबई में सिंगल यूज प्लास्टिक पर भी रोक लगाई जा रही है, जिसे 2026 तक पूरी तरह से बैन कर दिया जाएगा. सरकार ने ‘Circle Dubai’ नाम का एक नया अभियान भी शुरू किया है, जिसमें आम लोगों को कचरा कम करने और रीसायकल करने के बारे में बताया जा रहा है.
2041 का लक्ष्य और भविष्य की योजना
दुबई इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी 2041 के तहत शहर से निकलने वाले पूरे कचरे का सही तरीके से निपटारा किया जाएगा ताकि कोई भी कचरा लैंडफिल में न जाए. इसके लिए 74.5 अरब दिरहम का भारी बजट रखा गया है. इसमें से लगभग 70.5 अरब दिरहम प्राइवेट कंपनियों के सहयोग से आएंगे. Warsan Waste-to-Energy Centre और ब्लू एंड ग्रीन स्पेस रोडमैप 2030 जैसे बड़े प्रोजेक्ट शहर को और भी बेहतर बनाने का काम करेंगे.





