भारतीय दूतावास ने संयुक्त अरब अमीरात में बुधवार के दिन प्रवासी भारतीयों को महत्वपूर्ण तथ्य के बारे में सूचित किया है.  उन्होंने एक सर्कुलर का खंडन किया है “जिसमें विजिट वीजा वाले, बुजुर्ग लोग, और बेरोजगार लोग जो संयुक्त अरब अमीरात में फंसे हुए हैं उन्हें अपने व्यक्तिगत जानकारियां  दूतावास को भेजने से वापस देश जाने का मौका मिलेगा कहा गया था”

दूतावास ने साफ शब्दों में इसे एक फर्जी सर्कुलर और मिस इंफॉर्मेशन करार दिया है.  अधिकारी ने बताया कि उन लोगों के नजर ने यह बातें आई हैं कि इस प्रकार के सर्कुलर सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय लोगों में फैलाए गए हैं जो कि पूरी तरीके से फर्जी है और इसके उपरांत कई लोग भारतीय दूतावास को अपनी व्यक्तिगत जानकारी ईमेल आईडी के माध्यम से भेजना शुरू किया है.
 
अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की कोई भी संदेश अधिकारिक तौर पर  नहीं जारी किया गया है और इस प्रकार के संदेश पूरे तरीके से फर्जी हैं और अफवाह है.
 
संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास ने साफ कहा है कि इस प्रकार की कोई व्यवस्था या संदेश दूतावास से जारी नहीं किया गया भारतीय कामगारों या प्रवासियों को इस बात का पूर्ण ध्यान रखना चाहिए और जो भी जानकारी और पढ़ रहे हैं उसको बिना सत्यापित किए हुए उस पर भरोसा ना करें.

 उन्होंने साफ-साफ कहा भारत में लॉक डाउन को बढ़ा दिया गया है और  कोविड-19 महामारी को देखते हुए 3 मई तक किसी भी प्रकार की वायु यान सेवाएं  बहाल नहीं होंगी, सोमवार को माननीय भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी यह करार दिया है कि प्रवासी भारतीयों को इस वक्त तुरंत वापस लाने के लिए कोई बड़ी व्यवस्था नहीं की जा सकती है और जब तक यातायात पर प्रतिबंध रहता है तब तक वह जहां है वहीं पर रहेंगे.GulfHindi.com

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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