Egypt Energy Crisis: मिस्र में अब रात को रहेगा अंधेरा, सरकार ने लागू किए नए नियम, 9 बजे बंद होंगी दुकानें
मिस्र में ऊर्जा की आसमान छूती कीमतों और क्षेत्रीय तनाव की वजह से सरकार ने बिजली बचाने के लिए बेहद सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों के तहत अब राजधानी काहिरा सहित पूरे देश में रात के समय सड़कों पर अंधेरा रहेगा और व्यापारिक संस्थानों को जल्दी बंद करना होगा। सरकार ने यह फैसला तब लिया है जब देश का ऊर्जा आयात बिल एक महीने में 1.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2.5 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है। राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी ने चेतावनी दी है कि यह दुनिया के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बन सकता है।
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बिजली और तेल बचाने के लिए जारी हुए ये नए निर्देश
सरकार ने 28 मार्च 2026 से पूरे देश में ऊर्जा बचाने के उपाय प्रभावी कर दिए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। मुख्य नियमों की जानकारी नीचे दी गई है:
- दुकानों और मॉल का समय: सभी दुकानें, मॉल, कैफे और सिनेमा हॉल सामान्य दिनों में रात 9:00 बजे बंद हो जाएंगे।
- वीकेंड पर छूट: गुरुवार और शुक्रवार को ये संस्थान रात 10:00 बजे तक खुले रह सकते हैं।
- स्ट्रीट लाइटिंग: सड़कों और विज्ञापनों वाली लाइटों को 50 प्रतिशत तक कम कर दिया जाएगा।
- सरकारी दफ्तर: न्यू एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल के दफ्तर शाम 6:00 बजे बंद होंगे और रविवार को कर्मचारी घर से काम (Work from Home) करेंगे।
- वाहनों का उपयोग: सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन के कोटे में 30 प्रतिशत की कटौती की गई है।
ऊर्जा संकट और खर्चों का पूरा विवरण
मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली के अनुसार, प्राकृतिक गैस और तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। देश के बजट पर पड़ रहे असर को इस टेबल से समझा जा सकता है:
| मद | पुराना खर्च (प्रति माह) | नया खर्च (मार्च 2026) |
|---|---|---|
| प्राकृतिक गैस आयात | 560 मिलियन डॉलर | 1.65 बिलियन डॉलर |
| कुल ऊर्जा आयात बिल | 1.2 बिलियन डॉलर | 2.5 बिलियन डॉलर |
| कच्चा तेल (प्रति बैरल) | 69 डॉलर | 112 डॉलर |
काहिरा के दुकानदारों और कैफे मालिकों ने इन नियमों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रात 9 बजे का समय उनके व्यापार के लिए सबसे मुख्य होता है और इसे जल्दी बंद करने से उनकी कमाई पर बुरा असर पड़ेगा। सरकार ने साफ किया है कि फार्मेसी और किराना दुकानों जैसी जरूरी सेवाओं को इन नियमों से बाहर रखा गया है ताकि आम जनता को ज्यादा परेशानी न हो।




