पेट्रोल, डीज़ल गाड़ी में भी लगेगा Electric Kit. 100 KM रेंज वाला किट Auto Expo में हुआ लॉंच
दस साल पुराने डीजल व पंद्रह साल पुराने पेट्रोल वाहन नियमों के फेर में कबाड़ बन रहे हैं। ऐसे वाहनों की संख्या लाखों में है। जहां एक तरफ पुराने वाहन प्रदूषण का कारक बन जाते हैं, वहीं वाहन चालकों के सामने पुराने वाहन को बेचकर नया खरीदने की समस्या है। डीजल व पेट्रोल के पुराने वाहन को महज कुछ घंटों में ही इलेक्ट्रिक वाहन में तब्दील करने के लिए आटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन आफ इंडिया (एआरएआइ) ने ईएक्सएल पावर टेन किट तैयार की है।
सफल हैं किट, बाज़ारो में होगी बिक्री.
पुराने वाहनों पर इस किट का प्रयोग सफल रहा है। वाहन मालिकों के लिए जल्द ही किट बाजार में उपलब्ध होगी। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई जिलों में 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित हैं। इनका दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता है। पेट्रोल-डीजल के ऐसे वाहनों की समस्या से निजात पाने के लिए एआरएआइ के इंजीनियर ऐसी किट बनाने का प्रयास कर रहे थे, जिसे लगाकर पुराने वाहन को इलेक्ट्रिक वाहन में बदला जा सके। इसमें कामयाबी मिल गई है।
अलग अलग गाड़ियों के लिए अलग अलग किट
एआरएआइ की ओर से तकनीक का प्रदर्शन एक्सपो मार्ट में किया जा रहा है । एआरएआइ के मैनेजर अतुल ठाकरे ने बताया कि आटो व कार के लिए अलग-अलग किट की जरूरत होगी। पुराने वाहन के इंजन को निकाल कर किट लगानी होगी। तैयार किट को आटो में लगाकर जांच की गई। चार्ज होने के बाद आटो ने 100 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया।
किट लगाने से पहले फिटनेस टेस्ट अनिवार्य
फिटनेस जांचने के बाद ही लगेगी किट : उन्हीं वाहनों को ईवी में कन्वर्ट किया जाएगा, जो फिटनेस के मानक पर खरे होंगे और परिचालन के योग्य होंगे।




