यूरोपीय यूनियन ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत खाड़ी देशों पर ईरान की तरफ से बार-बार किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। 18 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ये हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन हैं। EU ने साफ किया है कि वह इन हमलों के खिलाफ खाड़ी देशों के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हर तरह की सुरक्षा मदद देने को तैयार है।

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हमलों से खाड़ी क्षेत्र में क्या हुआ नुकसान?

पिछले 24 घंटों के दौरान खाड़ी देशों में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही है। ईरान ने सऊदी अरब, UAE और कतर के तेल और गैस केंद्रों को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात की सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान की तरफ से आए 13 मिसाइल और 27 ड्रोनों को नष्ट कर दिया है। इन हमलों की चपेट में आने से UAE के 2 जवानों और 6 आम नागरिकों की मौत हुई है।

तेल की कीमतों और सप्लाई पर क्या असर पड़ा?

मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से क्षेत्र से होने वाले तेल के निर्यात में 60 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। सप्लाई प्रभावित होने के कारण ग्लोबल मार्केट में इसके सीधे असर देखे जा रहे हैं।

आइटम कीमत में उछाल नया भाव
कच्चा तेल (Brent Crude) 5% $108.60 प्रति बैरल
यूरोप गैस बेंचमार्क 7.5% €55.50 प्रति मेगावाट घंटा

यूरोपीय यूनियन की तरफ से क्या कार्रवाई की गई?

EU ने बहरीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रखे गए प्रस्ताव 2817 का पूरा समर्थन किया है। यूरोपीय संघ के विशेष प्रतिनिधि लुइगी डि मेयो ने कहा है कि खाड़ी देश अपनी रक्षा के लिए यूरोप से खुफिया जानकारी और रक्षा तकनीक मांग सकते हैं। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी बताया गया है। सुरक्षा के बढ़ते खतरों को देखते हुए अमेरिका ने भी ईरान के मिसाइल ठिकानों पर कार्रवाई की है।