Iran New Warning: ईरान ने दी खाड़ी के तेल ठिकानों को उड़ाने की चेतावनी, कामगारों को तुरंत हटने का आदेश
ईरान के South Pars गैस फील्ड पर इजरायली हमले के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल गहरा गए हैं। ईरान की IRGC ने आधिकारिक तौर पर चेतावनी जारी करते हुए खाड़ी देशों के एनर्जी सेक्टर को निशाना बनाने की बात कही है। ईरान ने सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे देशों में मौजूद तेल और गैस ठिकानों को तुरंत खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। इस फैसले के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर संकट के संकेत मिल रहे हैं।
ईरान ने किन ठिकानों को खाली करने की चेतावनी दी है?
ईरान की क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सहयोग वाली कंपनियां और रिफाइनरी अब उनके वैध निशाने हैं। ईरान ने इन ठिकानों पर काम करने वाले सभी नागरिकों और कर्मचारियों को सुरक्षित दूरी पर जाने के लिए कहा है। संभावित निशानों की लिस्ट नीचे दी गई है।
| देश | निशाने पर मौजूद ठिकाने |
|---|---|
| Saudi Arabia | Samref Refinery, Jubail Petrochemical Complex |
| UAE | Al Hosn Gas Field |
| Qatar | Mesaieed Petrochemical Complex, Ras Laffan Refinery |
भारतीय प्रवासियों और तेल क्षेत्र पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों के इन तेल और गैस ठिकानों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी काम करते हैं। ईरान की इस सीधी चेतावनी के बाद वहां काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है। IRGC ने चेतावनी दी है कि वे आने वाले कुछ घंटों में हमला कर सकते हैं। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति को बेहद खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। वहीं UAE सरकार ने भी कहा है कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और क्षेत्रीय शांति को बड़ा नुकसान पहुंचेगा। इस तनाव से भविष्य में विमानों की उड़ानों और व्यापारिक जहाजों के रास्तों पर भी असर पड़ सकता है।




