ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों से गल्फ देशों में तनाव बढ़ा हुआ है। इस बीच यूरोपीय काउंसिल ने साफ कर दिया है कि वह इन हमलों के खिलाफ खाड़ी देशों के साथ खड़ा है। यूरोप ने ईरान की इन हरकतों को गैरकानूनी और गलत बताया है। इस टकराव का असर पूरे इलाके की सुरक्षा और शांति पर पड़ रहा है।

यूरोपीय काउंसिल ने ईरान के खिलाफ क्या कहा?

यूरोपीय काउंसिल के राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा ने गल्फ देशों के साथ अपनी एकजुटता जताई है। उन्होंने ईरान द्वारा किए गए हमलों को बिना किसी कारण के और गैरकानूनी बताया। मार्च 2026 में उन्होंने यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से फोन पर बात की और समर्थन दिया। यूरोप ने मांग की है कि ये हमले तुरंत रुकने चाहिए ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।

किन देशों और जगहों को ईरान ने निशाना बनाया?

ईरान ने फरवरी 2026 से कई खाड़ी देशों के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में ऊर्जा केंद्रों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

देश निशाना बनाया गया स्थान
UAE हबशान गैस फैसिलिटीज़
Qatar रास लफ्फन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर
Kuwait कुवैती रिफाइनरी
अन्य सऊदी अरब, ओमान और बहरीन के सैन्य ठिकाने

इन हमलों का आम लोगों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?

गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। ऊर्जा संयंत्रों और रिफाइनरी जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों पर हमले से काम-काज पर असर पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और यूरोपीय देशों के समर्थन से इन देशों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिल रही है ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।