फ्रांस ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इजरायल पर किए गए दो हमलों की कड़ी आलोचना की है। फ्रांस सरकार का कहना है कि इस तरह के हमलों से पूरे मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है और यह क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा है। हूती समूह ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि वे इजरायल के खिलाफ अपने सैन्य अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रखेंगे। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की अपील की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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हूती हमलों और फ्रांस की प्रतिक्रिया की मुख्य बातें

फ्रांस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Pascal Confavreux ने इन हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि इससे संघर्ष और बढ़ सकता है। हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने 28 मार्च 2026 को पुष्टि की थी कि उनके समूह ने इजरायल के सैन्य ठिकानों पर क्रूज मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इजरायली सेना के मुताबिक वे इस स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी हूतियों के इस कदम की निंदा की है और इसे यमन को युद्ध में धकेलने वाला बताया है।

क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल और अन्य देशों का रुख

देश/संस्था ताजा स्थिति और कदम
France हूती हमलों की निंदा की और संयम बरतने की अपील की
Bahrain समुद्री सुरक्षा के लिए नया कर्फ्यू लागू किया
Oman सालालाह पोर्ट पर हुए ड्रोन हमले की जांच शुरू की
Saudi Arabia तुर्की और मिस्र के साथ शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद में बैठक की
Lebanon इजरायली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत की खबर

मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच ईरान के एक बंदरगाह शहर में भी हमलों की खबर मिली है जिसमें पांच लोगों की जान चली गई है। बहरीन ने समुद्री व्यापार की सुरक्षा को देखते हुए जहाजों की आवाजाही पर पाबंदियां लगा दी हैं। ईरान के Revolutionary Guard ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी संस्थानों के खिलाफ बयान जारी किए हैं। सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री इस पूरे मामले का कूटनीतिक समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि युद्ध को फैलने से रोका जा सके।