UAE की सुरक्षा के लिए France ने भेजे 6 फाइटर जेट, ड्रोन हमले के बाद बड़ा फैसला
फ्रांस ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। हाल ही में हुए हमलों के बाद फ्रांस ने UAE के साथ अपने पुराने रक्षा समझौते को पूरी तरह से एक्टिव कर दिया है। 6 मार्च 2026 तक मिली जानकारी के मुताबिक, फ्रांस ने अपनी मिलिट्री ताकत बढ़ाते हुए अबू धाबी में नए फाइटर जेट और सैनिक मदद भेजी है। यह कदम खाड़ी देशों में शांति और वहां रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
अल धफरा एयर बेस पर पहुंचे 6 राफेल जेट
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 5 और 6 मार्च को फ्रांस ने अबू धाबी के पास स्थित अल धफरा एयर बेस पर अपने 6 नए राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jets) तैनात कर दिए हैं। 1 मार्च को ईरानी ड्रोन द्वारा एक हैंगर पर किए गए हमले के बाद यह फैसला तुरंत लिया गया। अब ये विमान UAE के आसमान में एक्टिव पेट्रोलिंग कर रहे हैं। इनका मुख्य काम आने वाले किसी भी ड्रोन या मिसाइल को हवा में ही खत्म करना है ताकि जमीन पर किसी तरह का नुकसान न हो।
अमेरिका के साथ मिलकर बढ़ाई सुरक्षा
सिर्फ अपने विमान ही नहीं, बल्कि फ्रांस ने अमेरिका को भी अपने बेस इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि अब अमेरिकी एयरक्राफ्ट भी फ्रांस के मिलिट्री बेस का इस्तेमाल कर सकेंगे ताकि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके। फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने साफ किया है कि यह कदम ‘सामूहिक आत्मरक्षा’ (Collective Self-Defense) के नियम के तहत उठाया गया है।
- 1 मार्च 2026: ईरानी ड्रोन ने अल धफरा क्षेत्र में हमला किया।
- 3 मार्च 2026: फ्रांस ने एक्टिव इंटरसेप्शन यानी जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू की।
- 5-6 मार्च 2026: 6 राफेल जेट UAE पहुंचे और सुरक्षा का जिम्मा संभाला।
इस पूरी कार्रवाई का मकसद वहां रह रहे नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखना है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट किया है कि फ्रांस अपने साथियों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन वे चाहते हैं कि तनाव कम हो।




