फ्रांस के राष्ट्रपति की चेतावनी, ईरान में युद्ध अभी कई हफ्तों तक चलेगा, खाड़ी देशों में कड़े हुए नियम
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साइप्रस में दिए अपने बयान में कहा है कि ईरान में चल रहा युद्ध अभी कई हफ्तों तक जारी रह सकता है। इस संघर्ष का सीधा असर खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है जहां कच्चे तेल की कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। सऊदी अरब और कतर जैसे देशों ने सुरक्षा के मद्देनजर नए नियम लागू कर दिए हैं जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों के जीवन पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
ℹ: Tehran Explosion: तेहरान में धमाके की खबर, सऊदी मीडिया ने दी जानकारी।
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के नए हालात और प्रवासियों के लिए नियम
ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है। कतर सरकार ने देश में 30/70 का नया नियम लागू किया है जिसके तहत केवल 30 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर जाएंगे और बाकी 70 प्रतिशत लोग घर से काम करेंगे। वहां के सभी स्कूलों को भी ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है। सऊदी अरब ने भी रियाद की सुरक्षा बढ़ा दी है क्योंकि पिछले 48 घंटों में वहां कई ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए हैं।
भारतीय प्रवासियों और खाड़ी में रहने वाले अन्य लोगों के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ा है। फ्रांस ने अपनी नौसेना के बड़े युद्धपोत Charles de Gaulle को तैनात किया है ताकि व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता सुरक्षित किया जा सके।
तेल की कीमतों में उछाल और युद्ध का वर्तमान स्टेटस
युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। सऊदी अरामको के रास तनुरा प्लांट और कतर के एलएनजी साइट्स पर नुकसान की खबरों के बाद तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। नीचे दी गई टेबल से आप मौजूदा स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं:
| क्षेत्र या देश | ताजा अपडेट और नए नियम |
|---|---|
| कच्चा तेल | कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचीं |
| कतर | 30 प्रतिशत ऑफिस और 70 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम नियम |
| सऊदी अरब | रियाद के ऊपर ड्रोन हमले नाकाम, ऊर्जा केंद्रों पर सुरक्षा अलर्ट |
| इजराइल | मिसाइल साइट की फोटो शेयर करने पर मिलिट्री सेंसरशिप |
| फ्रांस | स्ट्रैट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए रक्षा मिशन की तैयारी |
अमेरिका और इजराइल की सेनाएं Operation Epic Fury को आगे बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तनाव इसी तरह बना रहा तो आने वाले हफ्तों में विमानों के किराए और शिपिंग लागत में और भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।




