गाजा में पिछले साल 10 अक्टूबर 2025 को हुए सीजफायर समझौते के छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन जमीन पर आम लोगों के लिए हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। अल जजीरा और संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, गाजा के लोगों को न तो सुरक्षा मिल रही है और न ही पर्याप्त भोजन और दवाइयां उपलब्ध हो पा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों का कहना है कि यह शांति समझौता अपने मानवीय लक्ष्यों को पूरा करने में अब तक विफल रहा है और आम लोगों की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं।

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सीजफायर के बाद क्या बदले हालात?

6 महीने के आंकड़े बताते हैं कि गाजा में मानवीय और सुरक्षा स्थिति पहले से भी ज्यादा नाजुक हो गई है। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (OCHA) के अनुसार, मार्च 2026 की शुरुआत में गाजा में प्रवेश करने वाले मदद के ट्रकों में 80 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है। राफा क्रॉसिंग सहित सभी मुख्य रास्ते बंद होने के कारण ईंधन और साफ पानी की भारी किल्लत हो गई है। कई इलाकों में लोगों को दिन में सिर्फ दो लीटर पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे अस्पतालों और बेकरियों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

हमलों और मानवीय नुकसान का पूरा डेटा

सीजफायर समझौते के बावजूद गाजा में हिंसा की घटनाएं पूरी तरह नहीं रुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक डेटा के मुताबिक, समझौते के बाद से अब तक मानवीय शर्तों का पालन सही तरीके से नहीं हुआ है। इसकी वजह से महिलाओं और बच्चों पर सबसे बुरा असर पड़ा है।

विवरण ताजा आंकड़े
सीजफायर के बाद कुल मौतें 738 लगभग
खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही महिलाएं 7,90,000
मदद के ट्रकों में आई गिरावट 80% (मार्च 2026)
लागू हुई मानवीय शर्तें केवल 38%
हालिया हमला (मगाजी कैंप) 10 लोगों की मौत (7 अप्रैल)

शांति योजना और भविष्य के कदम

अमेरिका के नेतृत्व वाला Board of Peace गाजा में शांति बहाली की कोशिशों में जुटा है। Donald Trump की अध्यक्षता वाला यह बोर्ड एक अंतरिम तकनीकी सरकार बनाने की दिशा में काम कर रहा है। बोर्ड ने Hamas को हथियार डालने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए इस हफ्ते के अंत तक का समय दिया है। फिलहाल Cairo में हमास और मध्यस्थों के बीच बातचीत का दौर जारी है ताकि क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सके। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मदद का रास्ता नहीं खुला, तो भुखमरी का संकट और गहरा हो सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com