Saudi Arabia: ईरान जंग के बीच 1.95 लाख ट्रक रवाना, GCC देशों तक सामान पहुँचाने के लिए सऊदी ने खोले रास्ते
ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध ने पूरे इलाके की सप्लाई चेन को काफी प्रभावित किया था। ऐसे मुश्किल समय में सऊदी अरब ने अपनी सीमाएं और पोर्ट्स खोल दिए ताकि खाड़ी देशों तक ज़रूरी सामान बिना किसी रुकावट के पहुँचता रहे। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक 1 लाख 95 हज़ार मालवाहक ट्रक सऊदी अरब के रास्तों से रवाना हो चुके हैं।
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सऊदी अरब ने कैसे संभाला सामान पहुँचाने का काम?
Strait of Hormuz में संकट की वजह से समुद्री रास्ते बाधित हो गए थे, जिससे सामान की डिलीवरी में दिक्कत आ रही थी। इस समस्या को सुलझाने के लिए सऊदी अरब ने सड़क, हवाई और समुद्री रास्तों से GCC देशों में सामान भेजने की अनुमति दी। Transport Minister Saleh bin Nasser Al-Jasser ने ‘Logistics Paths’ प्रोग्राम शुरू किया, जिससे सामान को जेद्दा पोर्ट और लाल सागर के अन्य पोर्ट्स के ज़रिए भेजा जा रहा है ताकि व्यापार स्थिर रहे।
ट्रकों की आवाजाही और नए नियम क्या रहे?
सप्लाई चेन को चालू रखने के लिए सरकार ने कुछ ज़रूरी कदम उठाए थे:
- GCC देशों से खाली रेफ्रिजेरेटेड ट्रकों को सऊदी अरब में आने की अनुमति दी गई ताकि वे खाने-पीने का सामान वापस ले जा सकें।
- सऊदी अरब के पास 5 लाख से ज़्यादा ट्रकों का बेड़ा है, जो GCC देशों की पूरी मांग को पूरा करने की क्षमता रखता है।
- समुद्री और हवाई रास्तों में चुनौतियों के कारण अब ज़मीनी रास्तों (land transport) पर निर्भरता बढ़ गई है।
- MSC Cargo जैसी कंपनियों ने भी एशिया और खाड़ी देशों के बीच लाल सागर पोर्ट्स का इस्तेमाल बढ़ा दिया है।
अब क्या है ताज़ा स्थिति?
8 अप्रैल 2026 से पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम (ceasefire) शुरू हुआ है। हालांकि अभी भी कुछ इलाकों में ड्रोन हमलों की खबरें आ रही हैं, लेकिन बातचीत की संभावना बढ़ गई है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान ने बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है। इसी बीच, सामान की आवाजाही का यह आंकड़ा 1.95 लाख ट्रकों तक पहुँच गया है, जो इलाके में स्थिरता लाने की कोशिश का हिस्सा है।




