Germany Energy Crisis: ईरान युद्ध से जर्मनी में बढ़ेंगे दाम, वित्त मंत्री ने दी चेतावनी, आम लोगों पर पड़ेगा असर
ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया है. जर्मनी के वित्त मंत्री Lars Klingbeil ने चेतावनी दी है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आया उछाल लंबे समय तक रह सकता है. इससे जर्मनी की आर्थिक स्थिति काफी नाजुक हो गई है और आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ना तय है.
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आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने क्या किया
जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने घोषणा की है कि ईंधन पर लगने वाले टैक्स को दो महीने के लिए कम किया जाएगा. इस कदम का मकसद बढ़ती कीमतों से आम जनता को कुछ राहत देना है. हालांकि, इस टैक्स कटौती की भरपाई के लिए सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया है. वित्त मंत्री Klingbeil ने इस योजना की पुष्टि की है और कहा कि वह ऊर्जा कंपनियों पर ‘विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स’ लगाने के भी पक्ष में हैं.
| तारीख | बड़ी घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हवाई हमले शुरू हुए |
| 10 अप्रैल 2026 | वित्त मंत्री ने ऊर्जा कंपनियों पर टैक्स लगाने की बात कही |
| 11 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता विफल रही |
| 13 अप्रैल 2026 | ईंधन टैक्स में कटौती का ऐलान और ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी |
| 14 अप्रैल 2026 | ईरानी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट खत्म करने का फैसला |
| 14 अप्रैल 2026 | चीन ने अमेरिकी घेराबंदी को खतरनाक और गैर-जिम्मेदार बताया |
आर्थिक स्थिति और IMF की नई रिपोर्ट
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने जर्मनी की विकास दर के अनुमानों में बड़ी कटौती कर दी है. पहले जहाँ 2026 के लिए 1.3% की ग्रोथ की उम्मीद थी, अब उसे घटाकर केवल 0.6% कर दिया गया है. वित्त मंत्री Lars Klingbeil इस समय वॉशिंगटन डी.सी. में IMF की मीटिंग में हिस्सा ले रहे हैं, जहाँ आर्थिक स्थिरता और प्रभावित व्यवसायों की मदद पर चर्चा हो रही है. वहीं दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है.




