गाजा की अवैध घेराबंदी को तोड़ने के लिए Global Sumud Flotilla का दूसरा बड़ा अभियान शुरू हो गया है। यह जहाजों का एक समूह है जो बार्सिलोना के पोर्ट से रवाना हुआ है। खराब मौसम और इसराइल के दबाव के बावजूद, दुनिया भर के एक्टिविस्ट इस मिशन को पूरा करने के लिए निकले हैं।

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Global Sumud Flotilla मिशन की मुख्य बातें क्या हैं?

इस मिशन का लक्ष्य गाजा में चल रही नाकेबंदी को खत्म करना और वहां मानवीय मदद पहुंचाना है। आयोजकों का कहना है कि यह एक शांतिपूर्ण और कानूनी अभियान है। इस मिशन से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
रवानगी की तारीख 12 अप्रैल 2026
प्रस्थान पोर्ट बार्सिलोना (स्पेन)
कुल जहाजों की संख्या 70 से ज्यादा
शुरुआती रवानगी 39 जहाज
कुल प्रतिभागी 1,000 से 3,000 तक
शामिल देश 70 से 100 देश

इस अभियान में Greenpeace का जहाज ‘Arctic Sunrise’ भी शामिल है, जो तकनीकी और समुद्री सहायता प्रदान करेगा।

जहाजों की यात्रा और आगे का प्लान क्या है?

खराब मौसम (DANA) की वजह से शुरू के 39 जहाज सीधे गाजा जाने के बजाय पहले दूसरे पोर्ट पर रुकेंगे। इसके बाद ये जहाज दक्षिणी इटली में एक हफ्ते के लिए रुकेंगे, जहां कार्यकर्ताओं को अहिंसा की ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना के मुताबिक, यह पूरा समूह 20 अप्रैल के आसपास गाजा की तरफ बढ़ेगा। इस समुद्री मिशन के साथ ‘We Rise’ नाम का एक जमीनी अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें पोर्ट बंद करने और सांस्कृतिक हस्तक्षेप जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

इसराइल और दुनिया के अन्य देशों का क्या कहना है?

इसराइल इस मिशन को हमास की मदद करने वाला एक ‘पब्लिसिटी स्टंट’ बता रहा है और इसे अपनी कानूनी नाकेबंदी का उल्लंघन मान रहा है। इसराइल का दावा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए इस नाकेबंदी को लागू कर रहा है। दूसरी ओर, Amnesty International ने इसराइल से कार्यकर्ताओं को सुरक्षित रास्ता देने की मांग की है। इसके अलावा कतर, दक्षिण अफ्रीका और स्पेन जैसे कई देशों ने भी इस फ्लोटिला की सुरक्षा का समर्थन किया है और इसे अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बताया है।