इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और यूरोपीय देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने नेतन्याहू से लेबनान में जंग रोकने और वेस्ट बैंक को अपने कब्जे में न लेने की अपील की है। वहीं दूसरी तरफ नेतन्याहू ने यूरोप की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई बढ़ाने का फैसला किया है।

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नेतन्याहू ने यूरोप को क्या जवाब दिया और लेबनान में क्या हुआ?

प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक कार्यक्रम के दौरान यूरोप पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यूरोप अपनी पहचान और मूल्यों को खो चुका है और वहां नैतिक कमजोरी है। इसके साथ ही उन्होंने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में सैन्य अभियान बढ़ाने का आदेश दिया और यूरोपीय दबाव को खारिज कर दिया। इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के बिंत जबेल (Bint Jbeil) शहर को पूरी तरह घेर लिया है।

जर्मनी और यूरोपीय देशों की मुख्य मांगें क्या हैं?

  • जर्मनी: चांसलर Friedrich Merz ने लेबनान सरकार के साथ सीधी शांति वार्ता करने और वेस्ट बैंक के किसी भी हिस्से पर कब्जा न करने की मांग की।
  • स्पेन: प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के कारण इसराइल के साथ यूरोपीय संघ के समझौते को निलंबित करने की वकालत की।
  • इटली: विदेश मंत्री Tajani ने लेबनान में आम नागरिकों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया और जल्द से जल्द युद्धविराम की अपील की।

अमेरिका, ईरान और इसराइल के बीच ताजा स्थिति क्या है?

13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की आंशिक घेराबंदी शुरू कर दी। इसराइल ने अमेरिका के इस फैसले का पूरा समर्थन किया है। वहीं, लेबनान और इसराइल के बीच वॉशिंगटन में बातचीत होनी थी, लेकिन हिजबुल्लाह के नेता Naim Qassem ने लेबनान सरकार से इन बातचीत को रद्द करने को कहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.