भारतीय सर्राफा बाजार में 31 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली है। चांदी की कीमतों में एक ही दिन में 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमी आई है, जिसने निवेशकों को पूरी तरह से चौंका दिया है। सोने के भाव भी अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसलकर लगभग 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गए हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट पिछले कई दशकों में सबसे बड़ी है और इसने आम खरीदारों के मन में असमंजस पैदा कर दिया है।
क्यों आई कीमतों में इतनी भारी गिरावट?
बाजार में इस अचानक आई गिरावट के पीछे अमेरिका से जुड़ी खबरें मुख्य वजह मानी जा रही हैं। अमेरिका में केविन वॉश (Kevin Warsh) को फेडरल रिजर्व का नया चेयरमैन नामित किया गया है। बाजार उन्हें सख्त नीतियों के लिए जानता है, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी आई है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अक्सर सोने और चांदी के दाम नीचे गिरते हैं।
इसके अलावा, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने पिछले तीन दिनों में दूसरी बार मार्जिन बढ़ा दिया है। इस कारण से कई बड़े ट्रेडर अपनी पोजीशन काटने पर मजबूर हो गए और बाजार में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। जनवरी महीने में ही सोना 32% और चांदी 71% तक चढ़ गई थी, जिसे अब बाजार ठीक कर रहा है।
बजट से पहले खरीदारों को क्या करना चाहिए?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने वाली हैं। बाजार में चर्चा है कि सरकार सोने और चांदी पर लगने वाली 6% इम्पोर्ट ड्यूटी को कम कर सकती है। इसी उम्मीद में खरीदार अभी रुके हुए हैं और इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल MCX पर सोने का भाव 1.80 लाख से गिरकर 1.47 लाख से 1.50 लाख रुपये के बीच आ गया है।
चांदी भी अपने 4.20 लाख रुपये के रिकॉर्ड हाई से गिरकर 2.91 लाख से 3.34 लाख रुपये प्रति किलो की रेंज में आ गई है। शुक्रवार को चांदी में 30% तक की गिरावट देखी गई थी, जो 1980 के बाद सबसे ज्यादा अस्थिरता मानी जा रही है। अभी बाजार बजट की घोषणाओं का इंतजार कर रहा है ताकि आगे की दिशा तय हो सके।




