Gulf देशों में तनाव के बीच प्रवासियों की स्थिति खराब, 4 बांग्लादेशी मजदूरों की मौत और 13 घायल
खाड़ी देशों (Gulf) में मौजूदा तनाव के कारण प्रवासी मजदूरों की स्थिति काफी खराब हो गई है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के कारण 4 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई है और 12 से 13 लोग घायल हुए हैं। WARBE डेवलपमेंट फाउंडेशन ने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया है। इन हालातों में वहां काम करने वाले दक्षिण एशियाई लोगों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गई है।
कहाँ और कैसे हुई इन मजदूरों की मौत
इस तनाव का असर UAE, बहरीन और सऊदी अरब जैसे देशों में देखने को मिला है। अलग-अलग घटनाओं में मिसाइल और हवाई हमलों के मलबे की चपेट में आने से ये मौतें हुई हैं। मृतकों और घायलों की पहचान भी कर ली गई है।
- Ajman, UAE: 2 मार्च को हवाई हमले के मलबे से सालेह अहमद नाम के वर्कर की जान गई।
- Bahrain: सलमान इंडस्ट्रियल एरिया में मिसाइल के मलबे से एसएम तारेक की मौत हुई।
- Saudi Arabia: 8 मार्च को अल-खर्ज में एक रिहायशी इमारत पर मिसाइल हमले में एक नागरिक की जान गई।
- Kuwait: एयरपोर्ट के पास हुए हमले में चार लोग घायल हुए हैं।
फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश और भारत का कदम
खाड़ी देशों में काम करने वाले करीब 60 लाख बांग्लादेशी और लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा कारणों से कई मजदूरों को अपने घरों से बाहर निकलने की मनाही है। ऐसे में US-Bangla Airlines की एक स्पेशल फ्लाइट ने दुबई से 378 बांग्लादेशियों को सुरक्षित ढाका पहुँचाया है।
भारत ने भी इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव का समर्थन किया है। यह प्रस्ताव खाड़ी देशों में रहने वाले दक्षिण एशियाई प्रवासियों की भलाई पर केंद्रित है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया है कि गल्फ देशों में रहने वाले सभी प्रवासियों की सुरक्षा भारत के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।
राहत और बचाव के लिए नए निर्देश
खाड़ी देशों में मौजूद बांग्लादेशी दूतावासों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे घायलों को तुरंत मेडिकल सुविधा दें। जैसे ही फ्लाइट्स सामान्य होंगी, मृतकों के शवों को उनके देश भेजने का काम भी शुरू किया जाएगा। इस बीच घरेलू संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने भारत से डीजल के रूप में ऊर्जा सहायता की मांग की है, जिस पर भारत सरकार विचार कर रही है।




