ईरान युद्ध की वजह से खाड़ी देशों को अब तक करीब 6.46 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो चुका है। तेल और गैस उत्पादन में आई रुकावट की वजह से इस नुकसान की भरपाई होने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है। इस तनाव का सीधा असर भारत की इकोनॉमी पर भी पड़ रहा है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का सबसे ज़्यादा तेल इन्हीं देशों से खरीदता है। जानकारों के मुताबिक, हालात सामान्य होने में अभी काफी वक्त लगेगा और 2025 तक स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

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खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान हुआ?

युद्ध के चलते खाड़ी देशों की जीडीपी में 2% से लेकर 5% तक की गिरावट आने की आशंका जताई गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से तेल और गैस का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।

  • कुल नुकसान: अब तक करीब 70 अरब डॉलर यानी 6.46 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
  • कतर का संकट: कतर के रास लफान गैस टर्मिनल को नुकसान पहुंचने से मरम्मत में 5 साल तक लग सकते हैं।
  • शेयर बाज़ार: दुबई के स्टॉक मार्केट में फरवरी के मुकाबले 20% तक की गिरावट देखी गई है।
  • रिकवरी समय: तेल और गैस सेक्टर को फिर से पुराने स्तर पर आने में 3 से 5 साल लगेंगे।

भारत पर इस संकट का क्या असर पड़ेगा?

भारत अपनी तेल की जरूरतों के लिए करीब 90% आयात पर निर्भर है, जिसमें खाड़ी देशों की हिस्सेदारी सबसे ज़्यादा है। सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट भारत के व्यापार घाटे और मुद्रा पर बुरा असर डालती है।

प्रमुख बिंदु असर की जानकारी
तेल की कीमतें कच्चा तेल 69 डॉलर से बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया
अनुमानित घाटा विशेषज्ञों के अनुसार भारत को इस स्थिति से 10 अरब डॉलर का घाटा हो सकता है
एयरलाइंस सेक्टर हवाई मार्ग बंद होने से एयरलाइंस कंपनियों को हर हफ्ते भारी वित्तीय बोझ उठाना पड़ रहा है
प्रवासी भारतीय खाड़ी देशों में रहने वाले करीब 1 करोड़ भारतीयों के कल्याण और व्यापार पर असर पड़ा है

भारतीय विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय इस स्थिति पर करीब से नज़र रख रहे हैं। हालांकि, 8 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थाई युद्धविराम की खबर आई है, जिससे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट हुई है। भारत सरकार अब अन्य वैकल्पिक स्रोतों से तेल और गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है ताकि आम जनता पर महंगाई का ज़्यादा बोझ न पड़े।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.