ईरान के हमलों पर खाड़ी देशों ने जताया कड़ा ऐतराज, इराक से हो रहे हमलों पर कुवैत और सऊदी ने दी बड़ी चेतावनी
खाड़ी और अरब देशों ने ईरान समर्थित समूहों द्वारा इराक से किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, बहरीन, कतर और जॉर्डन ने एक साथ मिलकर इन हमलों को अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रस्ताव पारित किया है और इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।
इन हमलों से क्या हुआ नुकसान और ताजा स्थिति क्या है?
24 और 25 मार्च 2026 को खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइलों से कई हमले किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की ओर से कुवैत पर 13 ड्रोन और 17 मिसाइलें दागी गईं, जिससे Kuwait International Airport पर भीषण आग लग गई। इसी तरह यूएई और बहरीन को भी निशाना बनाया गया, जिसमें एक सैन्य ठेकेदार की मौत हो गई और पांच सैनिक घायल हुए हैं। इन हमलों से न केवल सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
खाड़ी देशों और संयुक्त राष्ट्र ने क्या कार्रवाई की है?
क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिन्हें नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| तारीख | मुख्य फैसला या घटना |
|---|---|
| 25 मार्च 2026 | संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पारित कर हमलों को रोकने और मुआवजे की मांग की। |
| 25 मार्च 2026 | खाड़ी देशों ने इराक सरकार से अपील की कि वे अपनी जमीन से हो रहे हमलों को रुकवाएं। |
| 22 मार्च 2026 | GCC महासचिव जासेम अल्बुदैवी ने आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की। |
| 11 मार्च 2026 | सुरक्षा परिषद ने 13 वोटों के साथ ईरान के ‘अंधाधुंध’ हमलों की निंदा की। |
खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
कुवैत, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। एयरपोर्ट और अन्य नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों से यात्रा करने वाले लोगों के मन में डर पैदा हो सकता है। हालांकि, सभी खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है और वे आत्मरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इन देशों की सरकारों का कहना है कि वे अपने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत हर जरूरी कदम उठा रही हैं।




