• About
  • Career
  • Contact
  • Team
  • Policies
  • Privacy Policy
  • Correction Policies
  • Fact-Checking Policy
  • Newsletter
गुरूवार, मार्च 5, 2026
GulfHindi
  • Login
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World
No Result
View All Result
GulfHindi
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World
GulfHindi
No Result
View All Result
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Qatar
  • Oman
  • Finance
  • Automotive
  • World
  • Yemen
Home India

किराये के मकान से निकल दिया थे 94 साल के बूढ़े को. खबर छपी तो PM तक दौड़ पड़े सुबह सुबह. आज किसी को याद तक नहीं

Lov Singh by Lov Singh
जुलाई 12, 2023
in India
0
1
SHARES
98
VIEWS

किराये के मकान से निकल दिया थे 94 साल के बूढ़े को. खबर छपी तो PM तक दौड़ पड़े सुबह सुबह. आज किसी को याद तक नहीं

Lov Singh · जुलाई 12, 2023

यह कहानी है 94 साल के एक बूढ़े व्यक्ति की, जिसके पास जीवन की साधारण सुविधाओं से अधिक कुछ नहीं था। उनका मकान मालिक, जिसकी वजह से उन्हें किराए का घर छोड़ना पड़ा, उन्हें आय उत्पन्न करने का कोई साधन नहीं था। बूढ़े ने मालिक से किराया देने के लिए कुछ समय देने का अनुरोध किया, और दयालु पड़ोसियों के कहने पर मकान मालिक को उस बूढ़े आदमी को कुछ दिनों की मोहलत देने के लिए मना लिया।

सामान्यता के पीछे का व्यक्तित्व

रास्ते से गुजर रहे एक पत्रकार ने इस सारे घटनाक्रम को देखा और उसे खबर के रूप में प्रकाशित करने का निर्णय लिया। उसने तस्वीरें ली और अपने प्रेस मालिक को घटना के बारे में बताया। यह उसे नहीं पता था कि वह बूढ़ा आदमी कोई और नहीं, बल्कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारीलाल नंदा थे।

असामान्यता की पहचान

अगले दिन अखबार के पहले पन्ने पर खबर छपी, और देश को इस बात का आभास हुआ कि गुलजारीलाल नंदा, जिन्होंने दो बार देश की सेवा की, अब एक दयनीय जीवन जी रहे थे। इस की जब खबर तत्कालीन प्रधान मंत्री तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की और नंदा जी की मदद की।


सच्चे स्वतंत्रता सेनानी

विभाजन के बावजूद, नंदा जी ने आवश्यकतानुसार केवल सामान्य सुविधाओं को स्वीकार किया और उन्होंने अपनी जिंदगी को सरल और अभिमान से जीने का निर्णय लिया। उनकी मृत्यु के बाद, 1997 में, उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनकी कहानी ने हमें यह सिखाया कि सच्चे नेता वो होते हैं जो अपन उम्मीद है कि यह वार्ता आपको अच्छी लगी होगी।

Independence Day 2022 | PMs who unfurled the Tricolour at Red Fort

महान विभूतियों की यही पहचान होती है कि वे सम्मान की भूखे नहीं होते, वे सम्मानित होने के बजाय अपने कर्मों से दूसरों को सम्मानित करते हैं।

निष्कर्ष

पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारीलाल नंदा ने न केवल देश की सेवा की, बल्कि उन्होंने अपनी सरलता और विनम्रता से देशवासियों के लिए एक अद्वितीय आदर्श निर्माण किया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सम्मान और मान्यता केवल पद और स्थिति से नहीं बल्कि अपने कर्मों और चरित्र से प्राप्त होती है। आज की पीढ़ी को इन महान व्यक्तियों से बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है।

महत्वपूर्ण जानकारी का सारणीकरण

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
व्यक्ति का नाम गुलजारीलाल नंदा
पद पूर्व प्रधानमंत्री (भारत)
जीवन यापन किराये के मकान में रहना
आय का स्रोत स्वतंत्रता सेनानी भत्ता (₹500/माह)
आत्मनिर्भरता स्वतंत्रता सेनानी भत्ते को स्वीकार करने में हिचकिचाहट
सम्मान 1997 में भारत रत्न से सम्मानित
पुण्यतिथि 10 जून
ShareTweetSendShare
Previous Post

महज़ 50 – 60 हज़ार के क़ीमत में आती हैं 75 किलोमीटर माईलेज वाली यह 5 गाड़ियाँ. Electric Scooter से ज़्यादा किफ़ायती आज भी

Next Post

महज़ 5 हज़ार रुपये के EMI में आती हैं यह 9 गाड़ियाँ. सैलरी का 10% से ज़्यादा नहीं जाना चाहिए किश्त में

Lov Singh

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।

Related Posts

Extra

Headlines – 2026-03-04 From GulfHindi

by Lov Singh
मार्च 5, 2026
0

06:26 IST: Kuwait: Internet Service Back to Normal कुवैत में इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बहाल कर दी गई है। कुवैत की Communication and Information Technology Regulatory...

Read moreDetails

Kuwait Police ने सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट करने पर 3 लोगों को पकड़ा, सेना का मजाक उड़ाना पड़ा भारी

मार्च 4, 2026

UAE में फ्लाइट कैंसिल होने से फंसे यात्रियों को बड़ी राहत, सरकार ने माफ किया ओवरस्टे फाइन

मार्च 4, 2026

UAE और GCC देशों की इमरजेंसी मीटिंग, सुरक्षा और फ्लाइट्स को लेकर आए ये बड़े फैसले

मार्च 4, 2026
Next Post

महज़ 5 हज़ार रुपये के EMI में आती हैं यह 9 गाड़ियाँ. सैलरी का 10% से ज़्यादा नहीं जाना चाहिए किश्त में

Facebook Twitter LinkedIn Youtube Whatsapp

Welcome to GulfHindi.com

GulfHindi.com Started in Year 2014 as online community converted into website by year 2019. We are thankful to our reader and their engagement with us. We server general purpose day to day helpful contents in news, finance, automotive and expats related issues or updates inside and outside India.

Gulfhindi.com

About Us.

  • About
  • Career
  • Contact
  • Correction Policies
  • Fact-Checking Policy
  • Privacy Policy
  • Team

Contact Us

GulfHindi, Anand villa 201, DPS more, Priyadarshi Nagar, Patna, Bihar, India 801503
Email: [email protected]
Mobile: 9504756906

© 2025 GulfHindi.com | RR Sanchar Nagar, T6/301, 801105, Danapur, Patna, Bihar | Email: [email protected] | Mob: 9504756906

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World

© 2025 GulfHindi.com | RR Sanchar Nagar, T6/301, 801105, Danapur, Patna, Bihar | Email: [email protected] | Mob: 9504756906