देश में जब से इंटरनेट का जमाना आया है और खासकर से 4G और डाटा अनलिमिटेड की सुविधा बड़ी हैं तब से हजारों संख्या में न्यूज़ परोसने के नाम पर अलग-अलग इकाइयां कम कर रही हैं। इसकी भीड़ इतनी हो चुकी है कि सही खबर लोगों तक सही समय पर पहुंचना जहां एक तरफ दूबर होते जा रहा है वहीं सही खबर पहुंचाने के बाद भी उसे पर लोग और प्रशासन यकीन नहीं कर पा रहा है।

दैनिक जागरण ने दिया था जानकारी।

दैनिक जागरण ने गुड़गांव में चल रहे मीट फैक्ट्री में हो रहे गैस रिसाव को लेकर पहले खबर लगाया था। कई गांव के लोगों ने इस शिकायत को प्रशासन तक पहुंचा था लेकिन प्रशासन ने उनकी कोई सुध नहीं ली थी उसके बाद लोगों ने दैनिक जागरण कार्यालय से संपर्क किया और इसकी जानकारी दें।

दैनिक जागरण अखबार में काफी प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया और अपनी खबरों में छापा लेकिन इसके बावजूद भी ना ही प्रशासन उठा और ना ही जिम्मेदार लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

छुपी हुई खबर किसी चाट पकौड़ी वाले के हाथों में होते हुए कूड़ेदान तक जा पहुंचे लेकिन किसी को याद नहीं पता था कि इस बार जिम्मेदारी ना निभा पाना कल के लिए एक नया समस्या खड़ा कर रहा है।

आपको बता दें कि नूह जिले के मंडीखेड़ा में चल रहे अलंवेद एग्रो फूड फैक्ट्री में काम कर रही 20 महिलाएं बेहोश हो गई। इतना ही नहीं काम कर रहे हैं अन्य महिला कर्मी सांस की समस्याओं से जूझने लगी और जगह को फौरन अपने विवेक पर खाली किया।

नियमों को दरकिनार कर ऑपरेट हो रहे इस फैक्ट्री के वजह से अगल-बगल के लोगों को भी काफी परेशानियां होती आ रही हैं लेकिन बार-बार प्रशासन और जिम्मेदार लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के बाद भी इसे नजरअंदाज किया जाता रहा है।

अगर अभी नजरअंदाज किया जा रहा है तो हो सकता है कि भविष्य में कुछ इतनी बड़ी घटना हो जाए जिसकी चर्चा हम कम से कम राज्य भर के अन्य घटनाओं के इतिहास के पन्नों में कर सकेंगे। अभी मौका है इस भूल को सुधारने का और ऐसे गैर जिम्मेदार फैक्ट्री पर लाल लगाने का।

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।

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