हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब और भी गंभीर होता जा रहा है। 27 मार्च 2026 को हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के Kiryat Shmona शहर पर मिसाइलों से चौथी बार हमला किया। यह हमला उन चेतावनियों का हिस्सा बताया गया है जो हिजबुल्लाह ने सीमावर्ती बस्तियों को दी थी। इस बीच इजरायली सेना ने भी लेबनान के कुछ इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत घर खाली करने का आदेश दिया है ताकि वहां सैन्य कार्रवाई की जा सके।

📰: Tehran में हुए ज़ोरदार धमाके, इज़राइल ने मिसाइल प्लांट और सैन्य ठिकानों पर किया बड़ा हमला

इजरायल और लेबनान सीमा पर तनाव की मौजूदा स्थिति क्या है?

हिजबुल्लाह ने सीमा के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाली 23 बस्तियों के निवासियों को वहां से हटने का नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में इजरायली सेना के प्रवक्ता Avichay Adraee ने दक्षिणी लेबनान के Sajd गांव के लोगों को Zahrani नदी के उत्तर की ओर जाने को कहा है। Kiryat Shmona के मेयर Avichai Stern ने अपनी ही सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि हजारों घरों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और शहर की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। इजरायली सेना के चीफ Eyal Zamir ने साफ किया है कि वे सुरक्षा स्थिति को जड़ से बदलने के लिए बड़े हमले कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष के प्रमुख घटनाक्रम

पक्ष ताजा अपडेट
Hezbollah 2 मार्च से अब तक इजरायल पर 3,500 से ज्यादा मिसाइलें और ड्रोन दागे गए।
Iran ईरानी विदेश मंत्री ने स्टील फैक्ट्रियों पर हुए हमलों का भारी बदला लेने की चेतावनी दी है।
USA अमेरिका ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
United Nations महासचिव ने चिंता जताई है कि लेबनान को अगला गाज़ा बनने से रोकना बहुत जरूरी है।
IRGC ईरानी गार्ड्स ने आम लोगों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास से हटने को कहा है।

हाइफा और बेरूत में बढ़ते हमलों का असर

हालिया रिपोर्टों के अनुसार इजरायली सेना ने बेरूत के Mreijeh इलाके में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भारी हवाई हमले किए हैं। वहीं हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों को इजरायल के हाइफा शहर के पास रोका गया है जिससे फिलहाल कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने बताया है कि ईरान में हुए हमलों के कारण 82,000 से ज्यादा नागरिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। इजरायल ने अब अपनी 162वीं डिवीजन को भी दक्षिणी लेबनान के मोर्चे पर तैनात कर दिया है।