Tehran में हुए ज़ोरदार धमाके, इज़राइल ने मिसाइल प्लांट और सैन्य ठिकानों पर किया बड़ा हमला
ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में 27 मार्च 2026 की सुबह ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ सुनाई दी। इज़राइल की सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के सैन्य ठिकानों और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की है। इस हमले के बाद ईरान ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। खाड़ी देशों में बढ़ते इस तनाव को देखते हुए दुनिया भर की सरकारें अलर्ट पर हैं।
इज़राइल और ईरान ने इस हमले पर क्या जानकारी दी है?
इज़राइल की सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने तेहरान और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सटीक हमले किए हैं। उनका मुख्य उद्देश्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन केंद्रों और उन्नत हवाई रक्षा प्रणालियों को नुकसान पहुँचाना था। इज़राइली अधिकारियों ने दावा किया है कि Revolutionary Guard के लगभग 1,000 से अधिक ठिकानों को इस ऑपरेशन में निशाना बनाया गया। दूसरी ओर, ईरान की Mehr News Agency ने बताया कि तेहरान के आसमान में कई धमाके सुने गए क्योंकि उनके डिफेंस सिस्टम ने दुश्मनों के ठिकानों को हवा में ही उलझा दिया था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे एक अवैध हमला बताया और रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की बात कही है।
इस घटनाक्रम से जुड़े मुख्य तथ्य और ताज़ा स्थिति क्या है?
इस हमले और उसके बाद के घटनाक्रम को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| मुख्य अपडेट | विवरण |
|---|---|
| अमेरिका का रुख | राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की चेतावनी को फिलहाल टाला है। |
| GCC का बयान | Gulf Cooperation Council ने चेतावनी दी है कि खाड़ी देशों पर हमला और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना सीमा लांघने जैसा है। |
| सुरक्षा परिषद | रूस के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 27 मार्च को ईरान की स्थिति पर गुप्त बैठक करेगी। |
| नुकसान की रिपोर्ट | ईरान के स्थानीय मीडिया ने घरों, अस्पतालों और स्कूलों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचने की बात कही है। |
| मृत्यु की खबर | रिपोर्ट्स के अनुसार Bandar Abbas में एक हवाई हमले में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के लिए ज़िम्मेदार कमांडर की मौत हुई है। |
ईरान के भीतर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक इलाकों में भी नुकसान की खबरें हैं। इज़राइल ने साफ कर दिया है कि यह ऑपरेशन उनकी सुरक्षा के लिए ज़रूरी था, जबकि ईरान के भीतर अब परमाणु हथियार विकसित करने की मांग तेज़ होने लगी है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और खासतौर पर भारतीयों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं।




