Home Loan पर टैक्स छूट का नियम बदला, 1 अप्रैल 2026 से निर्माण से पहले के ब्याज पर भी मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने बजट 2026 में होम लोन लेने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नया Income Tax Act, 2025 पेश किया है, जिसके तहत होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट के नियमों को स्पष्ट किया गया है। अब घर खरीदारों को प्रॉपर्टी का निर्माण पूरा होने से पहले चुकाए गए ब्याज पर भी टैक्स में राहत मिलेगी। यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहा है।
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क्या है ब्याज छूट का नया नियम?
नए इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 22(2) में संशोधन किया गया है। इसके मुताबिक, खुद के रहने वाले घर (Self-Occupied Property) के लिए 2 लाख रुपये तक की जो ब्याज छूट मिलती है, उसमें अब ‘प्री-कंस्ट्रक्शन पीरियड’ यानी घर बनने से पहले की अवधि का ब्याज भी शामिल होगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह लाभ सिर्फ खुद के घर के लिए नहीं, बल्कि किराए पर दी गई संपत्तियों (Let-out Properties) के लिए भी मान्य होगा, जिससे दोनों तरह के घर मालिकों को बराबर फायदा मिल सके।
कैसे क्लेम करें यह राशि?
नियमों के अनुसार, घर बनने से पहले चुकाए गए कुल ब्याज को आप एक बार में क्लेम नहीं कर सकते। इसे पांच बराबर वार्षिक किस्तों में बांटा जाएगा। इसकी शुरुआत उस साल से होगी जिस साल घर का निर्माण पूरा हुआ है या आपने प्रॉपर्टी का पजेशन लिया है। नए कानून में ‘Assessment Year’ और ‘Previous Year’ के झंझट को खत्म करके अब सीधा ‘Tax Year’ सिस्टम लाया गया है। साथ ही, बिना ऑडिट वाले मामलों के लिए ITR भरने की तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त करने का प्रस्ताव दिया गया है।




