ओमान के तट पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है. इस हादसे के बाद चीफ इंजीनियर Patnala Suresh की पत्नी ने भारत सरकार से अपने पति के शव को जल्द वापस लाने की गुहार लगाई है. इस हमले ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है और अब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है.

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क्या था पूरा मामला

9 जून 2026 को अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने MT Settebello नाम के एक तेल टैंकर पर हमला किया. अमेरिका का कहना है कि यह जहाज ईरान से तेल ले जा रहा था और उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था. इस हमले में जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई. ओमान की अथॉरिटीज़ और रॉयल ओमान शिप की टीम ने बचाव कार्य किया, जिसमें 24 में से 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया.

जान गंवाने वाले नाविक और परिवार का दर्द

इस हादसे में तीन भारतीयों की मौत हुई है जिनके नाम इस प्रकार हैं:

  • Patnala Suresh: चीफ इंजीनियर (आंध्र प्रदेश)
  • Aditya Sharma: डेक कैडेट (हिमाचल प्रदेश)
  • Shivanand Chaurasiya: इंजन फिटर (उत्तर प्रदेश)

सुरेश की पत्नी Bhargavi ने बताया कि उन्हें पहले सिर्फ यह जानकारी मिली थी कि उनके पति लापता हैं, लेकिन बाद में मौत की खबर मिली. उन्होंने सरकार से अपील की है कि उनके पति के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके.

भारत सरकार की कार्रवाई

भारतीय शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने तीनों नाविकों की मौत की पुष्टि की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचे हुए क्रू मेंबर्स और मृतकों के शवों को तुरंत वापस लाया जाए. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. भारत सरकार ने अमेरिका के पास कड़ा विरोध दर्ज कराया और अमेरिकी राजनयिक Jason Meeks को तलब किया है ताकि तनाव को कम करने की बात की जा सके.

ईरान का बड़ा फैसला और बढ़ता तनाव

इस हमले के बाद ईरान ने 11 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की घोषणा कर दी है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हवाई हमले जारी रहे, तो वहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है. Forward Seamen’s Union of India (FSUI) के मनोज यादव का कहना है कि अमेरिकी नौसेना को क्रू की राष्ट्रीयता पता थी, ऐसे में हमला करने के बजाय उन्हें हिरासत में लिया जा सकता था.