Hormuz Strait में तनाव बहुत बढ़ गया है और अब यह दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है, जिसके बाद ईरान ने भी कड़े जवाबी हमलों की चेतावनी दी है। इस बीच GCC देश इस युद्ध को शांति से और सही शर्तों पर खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि मामला और न बढ़े।

👉: Strait of Hormuz: अमेरिका की नाकाबंदी पर European Council ने जताया विरोध, कहा इससे समस्या हल नहीं होगी

अमेरिका और ईरान के बीच अब क्या स्थिति है?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान से जुड़े समुद्री रास्तों की घेराबंदी शुरू की। यह कदम तब उठाया गया जब दोनों देशों के बीच बातचीत विफल हो गई। ईरान ने साफ कहा है कि वह इस पाबंदी को बर्दाश्त नहीं करेगा। IRGC ने चेतावनी दी कि अगर कोई सैन्य जहाज उनके करीब आया तो इसे ceasefire का उल्लंघन माना जाएगा। हालांकि, मानवीय मदद के सामान को जांच के बाद गुजरने की अनुमति दी गई है।

विवाद को सुलझाने के लिए कौन से देश क्या कर रहे हैं?

इस तनाव को कम करने के लिए कई देश अपनी भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है। वहीं GCC देश कूटनीति के जरिए इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। कतर ने साफ किया है कि वह इस युद्ध का हिस्सा नहीं है लेकिन वह शांति के लिए सभी बड़े देशों के संपर्क में है।

संस्था/देश भूमिका/कार्रवाई
GCC देश शांति और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने की कोशिश
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बनाना
UN सुरक्षा परिषद चीन और रूस ने सुरक्षा प्रस्ताव को वीटो कर दिया
अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की naval blockade लागू की

इस पूरे तनाव की शुरुआत कब और कैसे हुई?

इस तनाव की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। 10 अप्रैल को एक अस्थायी ceasefire हुआ था, लेकिन समुद्री रास्तों पर ईरान द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण विवाद फिर बढ़ गया। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में युद्ध नहीं रुकता, Strait of Hormuz पूरी तरह नहीं खुलेगा।