IEA Oil Release: IEA ने किया 40 करोड़ बैरल रिज़र्व तेल निकालने का ऐलान, अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच बाज़ार को मिलेगी राहत
अमेरिका और इज़रायल के साथ ईरान के चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाज़ार में भारी उथल-पुथल मची है। इसे शांत करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। IEA ने अपने इमरजेंसी रिज़र्व से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है। यह एजेंसी के इतिहास का सबसे बड़ा इमरजेंसी तेल रिसाव है, जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई की कमी को नियंत्रित करना है।
जानिए किन देशों से निकलेगा कितना तेल
IEA के 32 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से इस फैसले पर सहमति जताई है। इस कदम के तहत कुल 40 करोड़ बैरल तेल बाज़ार में उतारा जाएगा। यह एजेंसी के कुल 1.2 अरब बैरल रिज़र्व का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। अलग-अलग देश अपने हिस्से का तेल बाज़ार में भेजेंगे। जापान 18 मार्च से इसकी शुरुआत करेगा जबकि अमेरिका अगले 120 दिनों में अपना हिस्सा धीरे-धीरे जारी करेगा।
| देश | तेल की मात्रा |
|---|---|
| अमेरिका | 17.2 करोड़ बैरल |
| जापान | 8 करोड़ बैरल |
| दक्षिण कोरिया | 2.24 करोड़ बैरल |
| ब्रिटेन | 1.35 करोड़ बैरल |
यह IEA के इतिहास में छठी बार है जब इस तरह का इमरजेंसी रिसाव किया जा रहा है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में ऐसा किया गया था। G7 देशों के नेताओं ने भी फ्रांस की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बातचीत की है।
बाज़ार पर असर और Strait of Hormuz का बंद होना
इस फैसले की घोषणा के बाद Brent Crude की कीमत जो सप्ताह की शुरुआत में 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, वह गिरकर 90 से 91 डॉलर पर आ गई। हालांकि ईरान के ताज़ा हमलों के कारण 13 मार्च तक कीमत फिर से 100 डॉलर के पार चली गई। Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक बाज़ार में हर दिन लगभग 1.5 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई रुक गई है, जो कुल ग्लोबल सप्लाई का 15 प्रतिशत है।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने दबाव बनाने के लिए Strait of Hormuz को बंद रखने की बात कही है। यहां से होने वाले निर्यात में 90 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। हाल ही में बहरीन के मुहर्रक और ओमान के सलालाह पोर्ट पर फ्यूल टैंकों पर भी ईरानी हमले हुए हैं। जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 28 फरवरी 2026 से अब तक ईरान के अंदर 6000 से ज्यादा ठिकानों पर स्ट्राइक की है।
IEA और अमेरिकी अधिकारियों का क्या है बयान
IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा है कि मौजूदा समय में तेल बाज़ार के सामने जो चुनौतियां हैं वे बहुत बड़ी हैं और इसके लिए एक बड़े वैश्विक कदम की ज़रूरत है। IEA के नियमों के अनुसार सभी सदस्य देशों को ऐसे संकट के लिए कम से कम 90 दिनों का तेल रिज़र्व रखना अनिवार्य होता है।
अमेरिकी आंतरिक सचिव डग बर्गम ने इसे केवल एक ट्रांजिट की समस्या बताया है। उन्होंने साफ किया है कि इस तेल रिलीज़ से कीमतों का दबाव काफी हद तक कम होगा। वहीं अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कड़े शब्दों में कहा है कि अमेरिका ईरान को Strait of Hormuz में अनिश्चित काल तक शिपिंग रोकने की अनुमति बिल्कुल नहीं देगा।




