International Energy Agency (IEA) ने ग्लोबल मार्केट में तेल की कमी को पूरा करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने अपने सदस्य देशों के स्ट्रैटेजिक रिज़र्व से 400 मिलियन बैरल तेल निकालने की मंजूरी दी है। यह IEA के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रिज़र्व रिलीज़ है। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा को बाज़ार में पूरी तरह पहुंचने में काफी समय लगेगा और इसका असर धीरे-धीरे दिखेगा।

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बाज़ार में तेल पहुंचने में कितना समय लगेगा?

भले ही 400 मिलियन बैरल एक बहुत बड़ा नंबर है, लेकिन इसे तुरंत बाज़ार में नहीं लाया जा सकता है। लॉजिस्टिक और पंपिंग की सीमाओं के कारण तेल को उपभोक्ताओं तक पहुंचने में देरी होती है।

  • अर्थशास्त्रियों के अनुसार इस पूरे तेल को ग्लोबल मार्केट में शामिल होने में लगभग 200 दिन का समय लग सकता है।
  • जापान और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों ने 16 मार्च से तुरंत 80 मिलियन बैरल तेल देना शुरू कर दिया है।
  • अमेरिका और यूरोप मार्च के अंत तक अपनी सप्लाई शुरू करेंगे।
  • अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के अनुसार उनके रिज़र्व से पूरी तरह तेल निकलने में लगभग 120 दिन लगेंगे।

तेल की कीमतों पर क्या असर होगा?

हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बंद होने के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। IEA की इस घोषणा के बाद कीमतों में थोड़ी कमी आई है और यह 90 से 95 डॉलर प्रति बैरल के बीच आ गई है।

  • अर्थशास्त्री अब्दुल्ला अल-खारीफ ने बताया कि इतने बड़े नंबर का मतलब तुरंत समाधान नहीं है।
  • विशेषज्ञ जेफ करी के अनुसार सप्लाई की कमी रातों-रात ठीक नहीं होगी और बाज़ार पलक झपकते ही रिकवर नहीं करते।
  • कीमतों पर दबाव बना रहेगा क्योंकि रोज़ाना निकलने वाला 2 मिलियन बैरल तेल खाड़ी देशों से होने वाले 15-20 मिलियन बैरल के नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर सकता।

किस क्षेत्र से कितना तेल मिलेगा?

इस फैसले में 32 सदस्य देशों ने एकमत से वोट दिया है। इसमें 72 प्रतिशत कच्चा तेल (Crude Oil) और 28 प्रतिशत रिफाइंड प्रोडक्ट जैसे पेट्रोल और डीजल शामिल हैं।

  • अमेरिका क्षेत्र: 195.8 मिलियन बैरल (इसमें अकेले अमेरिका का 172.2 मिलियन बैरल शामिल है)
  • एशिया और ओशिनिया: 108.6 मिलियन बैरल
  • यूरोप: 107.5 मिलियन बैरल
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.