Iran US Deal: ईरान के साथ समझौते के लिए Donald Trump तैयार, कहा- हम कमजोरी की स्थिति में नहीं करेंगे बात
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ एक नए समझौते को लेकर अपनी सहमति जताई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमेरिका किसी भी तरह से कमजोरी की स्थिति में बातचीत नहीं कर रहा है। हाल ही में हुए सैन्य अभियानों और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के कारण अमेरिका का पक्ष काफी मजबूत है। फिलहाल, दोनों देशों के बीच बातचीत जिनेवा में चल रही है और कई देश इस डील को जल्द पूरा कराने की कोशिश में लगे हैं।
डील के लिए क्या हैं अमेरिका की प्रमुख शर्तें?
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ होने वाला कोई भी नया समझौता स्थायी होना चाहिए। इस डील में किसी तरह की एक्सपायरी डेट (sunset clause) नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा अमेरिका ने कई सख्त शर्तें रखी हैं जिन्हें मानना ईरान के लिए जरूरी होगा।
- स्थायी पाबंदी: न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमेशा के लिए कड़ी रोक लगानी होगी।
- यूरेनियम पर कंट्रोल: ईरान के पास मौजूद 460 किलो (60% एनरिच्ड) यूरेनियम को पूरी तरह सुरक्षित करना या देश से बाहर निकालना होगा।
- Token Enrichment: अमेरिका नाममात्र के एनरिचमेंट की अनुमति तभी देगा जब न्यूक्लियर हथियार बनाने का कोई रास्ता न बचे।
सैन्य और आर्थिक दबाव का असर
Donald Trump ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द ही खत्म हो जाएगा। उनका कहना है कि हालिया अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान में टारगेट करने के लिए कुछ खास बचा नहीं है। अमेरिका के स्पेशल दूत Steve Witkoff ने भी कहा है कि ईरान के पास 60% एनरिचमेंट रखने का कोई कारण नहीं है।
इसके अलावा, Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध बढ़ाने का फैसला किया है। इसमें खासकर चीन को होने वाली तेल की बिक्री को रोककर ईरान की आमदनी को कम करने का प्लान है। ओमान, कतर, मिस्र और तुर्की जैसे देश इस डील को सफल बनाने के लिए दोनों पक्षों पर दबाव डाल रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति बहाली की जा सके।




