अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2027 तक सऊदी की आर्थिक ग्रोथ 4.5% तक पहुँच सकती है। हालांकि, क्षेत्र में चल रहे युद्ध के असर की वजह से 2026 के अनुमानों में कुछ कटौती की गई है।

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IMF ने ग्रोथ के आंकड़ों में क्या बदलाव किए हैं?

IMF ने अपनी अप्रैल 2026 की रिपोर्ट “The Global Economy in the Shadow of War” में सऊदी अरब के लिए नए आंकड़े जारी किए हैं। इसमें साल 2027 की विकास दर को पहले के 3.6% से बढ़ाकर अब 4.5% कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ, मौजूदा साल 2026 के लिए अनुमान को 4.5% से घटाकर 3.1% कर दिया गया है।

वर्ष पुराना अनुमान नया अनुमान
2026 4.5% 3.1%
2027 3.6% 4.5%

ग्रोथ कम और ज्यादा होने की असल वजह क्या है?

मध्य पूर्व और मध्य एशिया क्षेत्र में चल रहे ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन पर काफी बुरा असर पड़ा है। इसी वजह से साल 2026 की ग्रोथ में गिरावट आई है। IMF का यह मानना है कि आने वाले समय में जब ऊर्जा उत्पादन और परिवहन के काम फिर से सामान्य स्तर पर लौट आएंगे, तब 2027 में अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।

युद्ध के बीच सऊदी की अर्थव्यवस्था कैसे टिकी हुई है?

क्षेत्र में तनाव होने के बावजूद सऊदी अरब उन देशों में शामिल है जिन पर इस युद्ध का असर सबसे कम हुआ है। इसका मुख्य कारण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन जैसे वैकल्पिक रास्तों का होना है। यह पाइपलाइन तेल निर्यात के लिए एक मजबूत जरिया है, जिससे हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निर्भरता कम होती है और तेल का निर्यात बिना रुके जारी रहता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.