IMF की बड़ी चेतावनी, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से दुनिया भर में बढ़ेगी महंगाई, ग्लोबल ग्रोथ पर पड़ेगा बुरा असर
दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। International Monetary Fund (IMF) ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz का लंबे समय तक बंद रहना पूरी दुनिया की ग्रोथ और महंगाई के लिए खतरनाक होगा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अब ग्लोबल मार्केट की नींद उड़ा दी है और तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर और IMF की क्या योजना है?
IMF, World Bank और IEA ने एक साझा बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट के इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा, खासकर उन देशों पर जो दूसरे देशों से तेल और ईंधन खरीदते हैं। IMF ने संकेत दिया है कि वह वैश्विक विकास (Global Growth) के अनुमानों को घटा सकता है और महंगाई के आंकड़ों को बढ़ा सकता है। इस संकट से प्रभावित देशों की मदद के लिए IMF 20 अरब से 50 अरब डॉलर तक की वित्तीय सहायता देने की तैयारी कर रहा है।
मैदान में क्या चल रहा है और अमेरिका ने क्या कदम उठाए?
ईरान ने मार्च 2026 की शुरुआत में इस जलमार्ग को बंद कर दिया था और जहाजों पर हमला करना शुरू कर दिया था। अब 13 अप्रैल 2026 से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के लिए ट्रैफिक पर नाकेबंदी (Blockade) लगा दी है। अमेरिकी नौसेना अब समुद्र से बारूदी सुरंगें (Mines) हटाने का काम कर रही है ताकि जहाजों के लिए एक सुरक्षित रास्ता बनाया जा सके। इस्लामाबाद में हुई बातचीत विफल होने के बाद अब तेल की सप्लाई दोबारा शुरू होने की उम्मीदें कम हो गई हैं।
भारत और यूरोपीय संघ ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
भारत ने साफ किया है कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है। भारत पहले ही इस रास्ते के बंद होने के कारण काफी आर्थिक नुकसान झेल चुका है। दूसरी तरफ, यूरोपीय संघ ने ईरान के टोल टैक्स वसूलने के सुझाव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यूरोपीय संघ का मानना है कि समुद्री रास्ता एक सार्वजनिक सुविधा है और इसके लिए कोई भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।




