एक अप्रैल से शुरू होने वाले नये वित्तीय वर्ष 2023-24 में कई नियम बदल जायेंगे. नये वित्त वर्ष में इनकम टैक्स से जुड़े कई नियम भी बदलने वाले हैं. एक फरवरी में पेश केंद्रीय आम बजट में इन बदलावों का प्रस्ताव किया गया था.

 

सात लाख से कम आय, तो टीडीएस नहीं

अप्रैल से नयी कर व्यवस्था के तहत वेतन भोगियों को फायदा होने वाला है. ऐसे लोगों के लिए अब टीडीएस की कटौती कम हो सकती है. ऐसे करदाता, जिनकी टैक्सेबल इनकम सात लाख रुपये से कम है और वे नयी कर व्यवस्था का चयन करते हैं, तो उन्हें कोई टीडीएस नहीं लगेगा. इसके लिए इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87ए के तहत अतिरक्ति छूट दी गयी है.

 

10 करोड़ रुपये तक कैपिटल गेन ही छूट के दायरे में

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 54 और 54 एफ के तहत मिलने वाले फायदे नये वित्तीय वर्ष से कम हो जायेंगे. एक अप्रैल से 10 करोड़ रुपये तक का कैपिटल गेन ही इन एक्ट के तहत छूट प्राप्त होगा. इससे ऊपर के कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन के लाभ के साथ 20 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा.

 

प्रॉपर्टी की बिक्री से हुए लाभ पर अधिक कैपिटल गेन टैक्स

एक अप्रैल से प्रॉपर्टी की बिक्री से हुए लाभ पर अधिक कैपिटल गेन टैक्स देना होगा. इसके साथ ही मार्केट, लिक्विड डिबेंचर्स के ट्रांसफर, रिडेंप्शन या मैच्योरिटी से हुए कैपिटल गेन पर अब शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा. इनकम टैक्स की नयी कर प्रणाली ही वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए डिफाल्ट कर प्रणाली होगी.

 

वार्षिक बीमा प्रीमियम पांच लाख से अधिक, तो इसकी आय पर टैक्स

एक अप्रैल या उसके बाद जारी नयी लाइफ इंश्योरेंस पाॅलिसी का वार्षिक प्रीमियम पांच लाख रुपये से अधिक होने पर उससे प्राप्त होने वाली आय पर टैक्स देना होगा. यह नियम एक मार्च तक जारी हो चुकी पालिसी पर लागू नहीं होगा.

31 मार्च के बाद हॉलमार्क के रूप में चार अंकों के हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआइडी) वाले आभूषणों को नहीं बेचा जा सकेगा. एक अप्रैल से केवल छह अंक वाली हॉलमार्क ज्वेलरी ही बिकेंगी. इसके अलावा एक अप्रैल से एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बदलाव होना निश्चित है

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