West Asia Crisis: भारत सरकार ने बुलाई बड़ी बैठक, प्रवासियों की सुरक्षा और तेल सप्लाई पर हुआ बड़ा फैसला
भारत सरकार ने वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव को लेकर बुधवार, 25 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने की और इसमें देश के बड़े मंत्रियों ने हिस्सा लिया। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने बताया कि सरकार ने विपक्ष के सभी सवालों के जवाब विस्तार से दिए हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और देश की जरूरतों को पूरा करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या तैयारी की?
सरकार ने बैठक में बताया कि युद्ध और तनाव शुरू होने के बाद से अब तक 3,75,000 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इसमें ईरान से वापस आए 1,000 से ज्यादा लोग भी शामिल हैं। Prime Minister Narendra Modi ने पहले ही साफ कर दिया है कि संकट के समय देश और विदेश में रहने वाले हर भारतीय की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। बैठक में Foreign Secretary Vikram Misri ने एक प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि खाड़ी देशों के हालात का भारत पर क्या असर हो सकता है और सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
देश में तेल की सप्लाई और गैस के स्टॉक पर क्या जानकारी मिली?
बैठक के दौरान देश की ऊर्जा सुरक्षा और तेल की कीमतों को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार ने कुछ अहम आंकड़े पेश किए हैं जिससे पता चलता है कि देश में जरूरी चीजों की कमी नहीं होगी:
- भारत की तेल और गैस सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और स्टॉक में पर्याप्त भंडार मौजूद है।
- Strait of Hormuz के रास्ते चार बड़े जहाज कच्चा तेल और गैस लेकर भारत की ओर आ रहे हैं।
- देश में LPG का उत्पादन 28 प्रतिशत से बढ़कर अब 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
- ईंधन और खाद की सप्लाई को सामान्य रखने के लिए 7 विशेष ग्रुप बनाए गए हैं ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े।
बैठक में किन बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया?
इस महत्वपूर्ण बैठक में गृह मंत्री Amit Shah, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman और विदेश मंत्री S. Jaishankar मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से Congress के Mukul Wasnik, Samajwadi Party के Dharmendra Yadav और AAP के Sanjay Singh जैसे नेताओं ने अपनी बात रखी। हालांकि Trinamool Congress (TMC) इस बैठक में शामिल नहीं हुई। Kiren Rijiju ने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने सरकार के जवाबों पर संतोष जताया है और संकट की इस घड़ी में सरकार का साथ देने का भरोसा दिया है।




