भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच रिश्तों में एक नया मोड़ आया है। 24 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में भारत और GCC ने आधिकारिक तौर पर मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत शुरू करने के लिए एक जॉइंट स्टेटमेंट पर साइन किए हैं। इस मौके पर भारत के वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal और GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi मौजूद थे। साल 2011 में रुकी हुई इस बातचीत को अब करीब 15 साल बाद फिर से शुरू किया गया है, जो दोनों पक्षों के लिए काफी मायने रखता है।

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समझौते में किन बातों पर है खास फोकस?

यह बातचीत अब सिर्फ तेल और ऊर्जा के व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें माल (Goods), सेवाओं (Services), कस्टम प्रक्रियाओं और डिजिटल व्यापार को भी शामिल किया गया है। GCC महासचिव Albudaiwi ने इसे एक "साझेदारी का नया चरण" बताया है। इसका मतलब है कि अब निवेश और तकनीकी क्षेत्रों में भी दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे।

इस समझौते का एक बड़ा मकसद भारत और छह GCC देशों (Saudi Arabia, UAE, Qatar, Kuwait, Oman, Bahrain) के बीच निवेश को बढ़ाना है। यह नया कदम व्यापार करने वाले लोगों और कंपनियों के लिए नियमों को आसान बनाएगा और बाज़ार में स्थिरता लाएगा।

आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या बदलेगा?

खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं और काम करते हैं, इसलिए यह समझौता काफी अहम है। जब दोनों पक्षों के बीच व्यापार के नियम आसान होंगे, तो इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ों जैसी चीजों के दाम कम हो सकते हैं। साथ ही भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सप्लाई की सुरक्षा मिलेगी।

व्यापार से जुड़े कुछ अहम आंकड़े:

  • कुल व्यापार: $178.56 बिलियन (वित्तीय वर्ष 2024-25)
  • भारत से निर्यात: इंजीनियरिंग का सामान, चावल, कपड़े, रत्न और गहने।
  • GCC से आयात: कच्चा तेल, LNG, पेट्रोकेमिकल्स, कीमती धातुएं।
  • मौजूदा स्थिति: अभी टैरिफ या टैक्स में तुरंत कोई बदलाव नहीं हुआ है, यह बातचीत की शुरुआत है।

सरकार को उम्मीद है कि इस समझौते से इंफ्रास्ट्रक्चर और फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर में निवेश आएगा जिससे नौकरियां बढ़ेंगी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.