भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देश मिलकर इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बनन (Prambanan) मंदिर परिसर का पुनरुद्धार करने जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत न केवल प्रम्बनन, बल्कि पास के सेवु (Sewu) और प्लाओसन (Plaosan) मंदिरों को भी संरक्षित किया जाएगा। यह पहल हिंदू और बौद्ध विरासत के संगम को बचाए रखने की दिशा में एक बड़ी कोशिश है।

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) कैसे करेगा मदद?

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इस प्रोजेक्ट में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। 16 मार्च 2026 को जकार्ता में इंडोनेशिया के संस्कृति मंत्री फदली ज़ोन और ASI के विशेषज्ञों के बीच इस पर विस्तार से चर्चा हुई। ASI के पास पत्थर के प्राचीन मंदिरों को ठीक करने का पुराना अनुभव है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2025 में इस सहयोग का ऐलान किया था। ASI ने सुझाव दिया है कि पहले छोटे मंदिरों पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाए ताकि काम करने के सबसे प्रभावी तरीके का पता चल सके।

पुनर्निर्माण की तकनीक और योजना

मंदिर को दोबारा खड़ा करने के लिए एनेस्टिलोसिस (Anastylosis) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें बिखरे हुए असली पत्थरों को ही ढूंढकर वापस उनकी सही जगह पर लगाया जाता है। बिखरे हुए हजारों पत्थरों की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीक की मदद ली जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य मंदिर की मौलिकता को बनाए रखना है।

प्रमुख जानकारी विवरण
बैठक की तारीख 16 मार्च 2026
मुख्य स्थान प्रम्बनन, सेवु और प्लाओसन मंदिर
मुख्य संस्था Archaeological Survey of India (ASI)
विशेष तकनीक Anastylosis और AI
घोषणा का आधार PM मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो की चर्चा (2025)
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.