ईरान ने Diego Garcia बेस पर दागी मिसाइलें, 2000 किमी के दावे को तोड़कर 4000 किमी तक पहुंचाई अपनी ताकत
ईरान और अमेरिका-ब्रिटेन के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के साझा सैन्य बेस Diego Garcia को निशाना बनाकर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह घटना 21 मार्च 2026 की रात की बताई जा रही है। हालांकि मिसाइलें बेस पर नहीं गिरीं, लेकिन इस हमले ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बढ़ा दी है।
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क्या ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता को दुनिया से छिपाया था?
ईरान अब तक सार्वजनिक रूप से कहता आया है कि उसकी मिसाइलों की मारक क्षमता केवल 2,000 किलोमीटर तक ही सीमित है। लेकिन Diego Garcia बेस ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस हमले से यह संकेत मिलता है कि ईरान के पास लंबी दूरी की मिसाइलें मौजूद हैं जिनके बारे में उसने पहले जानकारी नहीं दी थी। जानकारों का मानना है कि ये मिसाइलें Khorramshahr-4 श्रेणी की हो सकती हैं जिनकी पहुंच 4,000 किलोमीटर से ज्यादा होने का अनुमान है।
हमले और बचाव से जुड़ी मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 21 मार्च 2026 |
| निशाना | Diego Garcia सैन्य बेस |
| मिसाइलों की संख्या | दो बैलिस्टिक मिसाइलें |
| बचाव कार्रवाई | US Warship ने SM-3 इंटरसेप्टर चलाया |
| ईरान से दूरी | लगभग 4,000 किलोमीटर |
घटना का अंतरराष्ट्रीय असर और ब्रिटेन की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने ईरान के इस कदम की कड़ी निंदा की है। इससे पहले ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी ताकि ईरान के उन ठिकानों पर कार्रवाई की जा सके जो Strait of Hormuz को निशाना बना रहे थे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने कहा है कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा। इस घटना के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर काफी हलचल बढ़ गई है और वैश्विक शक्तियां ईरान की अगली चाल पर नजर रखे हुए हैं।




