भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, 92 हजार मीट्रिक टन गैस लेकर आ रहे दो बड़े जहाज, सप्लाई की किल्लत होगी दूर
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शिपिंग मंत्रालय ने सोमवार, 23 मार्च 2026 को पुष्टि की है कि 92,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर दो बड़े जहाज अपनी मंजिल की ओर निकल पड़े हैं। ये जहाज पिछले कुछ समय से क्षेत्रीय तनाव के कारण फारस की खाड़ी में फंसे हुए थे, लेकिन अब इनकी आवाजाही शुरू हो गई है जिससे देश में रसोई गैस की सप्लाई बेहतर होगी।
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कौन से हैं ये जहाज और क्या है इनकी खासियत?
इन दो भारतीय जहाजों के नाम Jag Vasant और Pine Gas हैं जो भारतीय झंडे के साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्र में चल रहे हैं। ये दोनों जहाज काफी समय से फारस की खाड़ी में रुके हुए थे। सोमवार सुबह इन जहाजों ने Strait of Hormuz के जरिए अपना सफर शुरू किया। ये जहाज फिलहाल ईरानी समुद्री सीमा के करीब से गुजर रहे हैं, जिसे विशेषज्ञों ने सुरक्षा के लिहाज से एक जरूरी रूट बताया है।
- Jag Vasant: यह Great Eastern Shipping का जहाज है और इसे Bharat Petroleum (BPCL) ने किराए पर लिया है।
- Pine Gas: यह Seven Islands Shipping द्वारा संचालित है और Indian Oil (IOCL) के लिए गैस ला रहा है।
- पहचान: दोनों जहाज अपनी भारतीय पहचान बताने के लिए लगातार AIS ट्रांसपोंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि ईरानी नौसेना के साथ कोई गलतफहमी न हो।
सुरक्षित रास्ते के लिए भारत सरकार की तैयारी
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि इन जहाजों के मूवमेंट की जानकारी विस्तार से साझा की जाएगी। भारत सरकार ने ईरान के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की है ताकि भारतीय जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित रास्ता मिल सके। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी पहले साफ किया था कि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बातचीत जारी है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल गैस की मात्रा | 92,000 मीट्रिक टन |
| जहाजों के नाम | Jag Vasant, Pine Gas |
| सफर की शुरुआत | 23 मार्च 2026 |
| मंत्रालय | शिपिंग और बंदरगाह मंत्रालय |
देश में गैस की किल्लत को रोकने के लिए भारतीय बंदरगाहों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। LPG लाने वाले इन जहाजों को बंदरगाह पर आते ही तुरंत जगह (Berthing) देने को कहा गया है ताकि जल्द से जल्द गैस को उतारकर सप्लाई चेन में भेजा जा सके। यह कदम भारत में रसोई गैस की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।




