India Market Cap: भारत बना दुनिया का बड़ा इन्वेस्टमेंट हब, 4.4 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा मार्केट कैप, SEBI चीफ ने दी जानकारी
भारत अब दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद जगह बन गया है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने बताया कि भारत का मार्केट कैप अब 4.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने यह जानकारी IMF और वर्ल्ड बैंक की मीटिंग के दौरान CII और US-India Business Council द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दी।
भारत के निवेश बाजार की मौजूदा स्थिति क्या है?
भारत के शेयर और कर्ज बाजार में वित्त वर्ष 2026 (FY26) के दौरान कुल 154 बिलियन डॉलर जुटाए गए। म्यूचुअल फंड में जमा पैसा अब 900 बिलियन डॉलर के करीब पहुंच रहा है। वहीं, अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) में 175 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश देखा गया है। साल 2025 में आईपीओ (IPO) की संख्या के मामले में भारत पूरी दुनिया में पहले नंबर पर रहा और जुटाए गए पैसों के मामले में तीसरे स्थान पर रहा।
निवेशकों के लिए नियमों में क्या बदलाव किए गए हैं?
SEBI अब तकनीक और पारदर्शिता पर ज्यादा जोर दे रहा है ताकि विदेशी निवेशकों को आसानी हो। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए रजिस्ट्रेशन और केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया को काफी सरल बनाया गया है। साथ ही, सरकार इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने पर विचार कर रही है, जिसके लिए कानूनी मंजूरी मिल चुकी है।
बाजार और अर्थव्यवस्था के मुख्य आंकड़े
भारत की आर्थिक स्थिति और निवेश से जुड़े जरूरी आंकड़े नीचे दी गई टेबल में दिए गए हैं:
| विवरण | आंकड़ा/जानकारी |
|---|---|
| कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन | 4.4 ट्रिलियन डॉलर |
| FY26 में जुटाया गया पैसा | 154 बिलियन डॉलर |
| म्यूचुअल फंड एसेट्स (AUM) | करीब 900 बिलियन डॉलर |
| AIF निवेश प्रतिबद्धता | 175 बिलियन डॉलर से अधिक |
| 2025 IPO वॉल्यूम रैंक | प्रथम (ग्लोबल) |
| FY26 GDP ग्रोथ अनुमान | 7.6 प्रतिशत |
| FDI इक्विटी इनफ्लो (अप्रैल-दिसंबर 2025) | 47.874 मिलियन डॉलर (22% बढ़ोतरी) |
हालांकि, जनवरी 2026 में नेट एफडीआई (FDI) में गिरावट देखी गई, जहां बाहर जाने वाला पैसा आने वाले पैसे से करीब 1.4 बिलियन डॉलर ज्यादा था। मार्च 2026 में भी वैश्विक माहौल खराब होने की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसा निकाला।