US Central Command का बड़ा ऐलान, ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू, दुनिया भर में पकड़े जाएंगे ईरान से जुड़े जहाज
US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य तैयारी को तेज कर दिया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू कर दी है और दुनिया भर में ईरान से जुड़े जहाजों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस बड़े ऑपरेशन में 10 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, युद्धपोत और विमान तैनात किए गए हैं।
👉: अमेरिका की सेना अलर्ट पर, ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी, CENTCOM ने जताई पूरी तैयारी।
अमेरिकी सेना क्या कर रही है और इसका असर क्या होगा?
CENTCOM ने साफ किया है कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार है और हाई अलर्ट पर है। 17 अप्रैल को अमेरिकी नौसेना ने ‘Motor Vessel Molly’ नाम के एक जहाज को रोककर उसका रास्ता बदला। सेना ने चेतावनी दी है कि वे इस घेराबंदी को अनिश्चितकाल तक जारी रखेंगे। जनरल Dan Caine ने बताया कि यह घेराबंदी ईरान के क्षेत्रीय समुद्र और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में की गई है, लेकिन इसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य शामिल नहीं है। अगर कोई जहाज इस घेराबंदी को पार करने की कोशिश करेगा, तो अमेरिकी सैनिक उसे जबरन अपने कब्जे में ले लेंगे।
किन जहाजों पर होगी कार्रवाई और क्या हैं नए नियम?
अब अमेरिकी सेना सिर्फ ईरान के तटों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरी दुनिया में ईरान से जुड़े जहाजों को निशाना बनाएगी। अगर किसी जहाज में हथियार, तेल, धातु या इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सामान मिलते हैं, तो उसे कहीं भी पकड़ा जा सकता है। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन के लिए अभी अमेरिका की नौसेना की 10 प्रतिशत से भी कम ताकत का इस्तेमाल किया गया है। शुरुआती तीन दिनों में ही 14 जहाजों ने अमेरिकी नौसेना के डर से अपने रास्ते बदल लिए।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल तैनात सैनिक | 10,000 से ज्यादा |
| टारगेट क्षेत्र | ईरान के बंदरगाह और दुनिया भर के ईरान-लिंक्ड जहाज |
| पकड़े जाने वाले सामान | हथियार, तेल, धातु और इलेक्ट्रॉनिक्स |
| प्रमुख अधिकारी | जनरल Dan Caine और सचिव Pete Hegseth |
| हालिया कार्रवाई | Motor Vessel Molly जहाज को रोका गया |