India-Iran Oil Update: 30 दिनों में ईरान से जितना हो सके उतना तेल खरीदेगा भारत, अमेरिका ने दी बड़ी राहत
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ईरान से कच्चा तेल खरीदने की तैयारी में है। पूर्व भारतीय राजनयिक Veena Sikri ने बताया कि अमेरिका द्वारा दी गई 30 दिनों की अस्थायी छूट का भारत पूरा फायदा उठाएगा। वैश्विक स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतों के बीच यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अमेरिका ने क्यों दी 30 दिनों की छूट?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिनों की विशेष छूट जारी की है। यह छूट केवल उस तेल के लिए है जो 20 मार्च 2026 तक जहाजों पर पहले से ही लादा जा चुका था। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने जानकारी दी कि इसका मकसद दुनिया भर में तेल की सप्लाई बढ़ाना और कीमतों को कम करना है। करीब 14 करोड़ बैरल ईरानी तेल बाजार में आने की उम्मीद है जिससे तेल की किल्लत दूर होगी।
भारतीय कंपनियों और बाजार पर क्या होगा असर?
भारतीय रिफाइनरी कंपनियां ईरान से तेल खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार हैं लेकिन वे भुगतान के तरीकों पर सरकार से स्पष्ट जानकारी का इंतजार कर रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय कंपनियों के पास ईरानी तेल को इस्तेमाल करने का पुराना अनुभव है जिससे इसे सिस्टम में शामिल करना आसान होगा। इस पूरे मामले से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- अमेरिकी छूट केवल 19 अप्रैल 2026 तक ही लागू रहेगी।
- भारत ईरान से अधिक से अधिक तेल खरीदकर अपना स्टॉक बढ़ाना चाहता है।
- ईरानी तेल मंत्रालय ने फिलहाल अतिरिक्त तेल होने की बात से मना किया है।
- अमेरिकी सरकार ईरान पर अपना आर्थिक दबाव बरकरार रखेगी।
- भारतीय जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित निकलने का रास्ता पहले ही मिल चुका है।
पिछले एक महीने में वैश्विक तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में भारत का यह फैसला बाजार में स्थिरता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। फिलहाल तेल कंपनियों और सरकार के बीच पेमेंट मैकेनिज्म को लेकर बातचीत जारी है।




