19 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में UAE के राष्ट्रपति HH शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों से रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत हुआ है। इस दौरे में गैर-तेल व्यापार (non-oil trade) 2024-2025 वित्तीय वर्ष में 100 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसे 2032 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
किन प्रमुख क्षेत्रों में हुए समझौते?
भारत और UAE के बीच हुए अहम समझौतों में कई रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं:
| समझौते का क्षेत्र | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| रणनीतिक रक्षा साझेदारी | रक्षा औद्योगिक सहयोग, नवाचार, प्रशिक्षण, विशेष अभियान, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी उपायों में गहरे सहयोग के लिए इरादा पत्र (Letter of Intent)। |
| ऊर्जा समझौता | ADNOC गैस 2028 से 10 साल के लिए HPCL को सालाना 0.5 मिलियन मीट्रिक टन LNG की आपूर्ति करेगा, जिसका मूल्य 3 अरब डॉलर है। इससे भारत UAE का शीर्ष LNG ग्राहक बनेगा। |
| अंतरिक्ष और निवेश | अंतरिक्ष अवसंरचना (Space Infrastructure) में सहयोग और गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में UAE निवेश के लिए इरादा पत्र। |
| नागरिक परमाणु सहयोग | छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (Small Modular Reactors) सहित नागरिक परमाणु सहयोग पर समझौता। |
| AI और उभरती प्रौद्योगिकियां | सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर, डेटा सेंटर और ‘डिजिटल दूतावासों’ जैसी AI और नई प्रौद्योगिकियों पर सहयोग। |
| खाद्य सुरक्षा | खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति। |
| सांस्कृतिक परियोजना | अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ सांस्कृतिक परियोजना पर समझौता। |
ऊर्जा क्षेत्र में कितना बड़ा है करार?
ऊर्जा क्षेत्र में हुआ समझौता दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ADNOC गैस और भारत की हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के बीच 3 अरब डॉलर का एक बड़ा करार हुआ है। इस समझौते के तहत, ADNOC गैस 2028 से अगले 10 सालों तक HPCL को हर साल 0.5 मिलियन मीट्रिक टन लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति करेगा। इस डील के साथ ही भारत, UAE का सबसे बड़ा LNG ग्राहक बन जाएगा, जिससे भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
रणनीतिक साझेदारी और व्यापार लक्ष्य क्या हैं?
रक्षा क्षेत्र में, दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग, नवाचार, प्रशिक्षण और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में गहरी साझेदारी के लिए एक इरादा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है। आर्थिक मोर्चे पर, नेताओं ने 2022 के भारत-UAE व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की सराहना की। इस समझौते के कारण 2024-2025 वित्तीय वर्ष में गैर-तेल व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देशों ने 2032 तक इसे बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त, UAE गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में निवेश करने के लिए भी सहमत हुआ है।
अन्य महत्वपूर्ण परिणाम और क्षेत्रीय संदर्भ
इस दौरे में कई अन्य अहम मुद्दों पर भी सहमति बनी। इनमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) सहित नागरिक परमाणु सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर और डेटा सेंटर में सहयोग शामिल है। खाद्य सुरक्षा और अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ नामक एक सांस्कृतिक परियोजना पर भी समझौते हुए। यह यात्रा शेख मोहम्मद की राष्ट्रपति के रूप में भारत की तीसरी और प्रधानमंत्री मोदी की 2015 से UAE की नौवीं यात्रा थी, जो दोनों देशों के बीच मजबूत और बढ़ते संबंधों को दर्शाती है। भारतीय विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि रक्षा समझौता किसी क्षेत्रीय संघर्ष में स्वचालित संलिप्तता का संकेत नहीं देता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में वित्तीय जानकारी शामिल है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लें। बाजार जोखिमों के अधीन हैं।
Last Updated: 20 January 2026




