भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी और अरब सागर में अपने युद्धपोतों की तैनाती को काफी बढ़ा दिया है। Strait of Hormuz के पास बढ़ते तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि LPG और कच्चा तेल लेकर आ रहे भारतीय जहाजों को सुरक्षा दी जा सके। यह पूरा ऑपरेशन ‘ऑपरेशन संकल्प’ का हिस्सा है जिसे साल 2019 में समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया था।

👉: Bahrain News Update: बहरीन ने अब तक मार गिराए ईरान के 134 मिसाइल और 238 ड्रोन, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव

ऑपरेशन संकल्प और नौसेना की नई रणनीति

नौसेना ने इस क्षेत्र में अपने युद्धपोतों की संख्या बढ़ाकर अब 6 से 7 कर दी है। इन जहाजों को रणनीतिक रूप से Strait of Hormuz के पूर्वी हिस्से में रखा गया है। नौसेना की रणनीति के अनुसार ये जहाज सीधे संकीर्ण जलमार्ग में प्रवेश नहीं करेंगे बल्कि भारतीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित पानी तक छोड़ने का काम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर स्थिति पर ईरानी राष्ट्रपति से भी चर्चा की है ताकि सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित हो सके।

भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का अपडेट

भारत सरकार के पोर्ट्स और शिपिंग मंत्रालय ने 18 मार्च 2026 को जानकारी दी है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय सुरक्षित हैं। कंट्रोल रूम के जरिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पिछले कुछ दिनों में कई जहाज सुरक्षित वापस लौटे हैं और कई नाविकों को घर वापस लाया गया है।

  • कुल भारतीय नाविक: पश्चिमी फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाजों पर 611 नाविक मौजूद हैं।
  • हाल ही में लौटे जहाज: Shivalik और Nanda Devi नामक दो LPG टैंकर 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत पहुंच चुके हैं।
  • कुवैत की स्थिति: कुवैत की सेना ने पिछले 24 घंटों में चार ईरानी मिसाइलों और 20 ड्रोनों को मार गिराया है।
  • ईंधन का महत्व: वित्त मंत्री के अनुसार भारत का करीब 90 प्रतिशत LPG आयात इसी रास्ते से होता है।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत ने इस तैनाती के लिए अमेरिका के साथ कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं की है। भारत अपनी सुरक्षा के लिए स्वतंत्र रूप से कदम उठा रहा है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.