IndiGo Flight Ticket Price: इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, अब भारत से दुबई और अन्य देशों की यात्रा होगी महंगी
इंडिगो एयरलाइन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के लिए फ्यूल चार्ज में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह नई दरें 2 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगी। जेट फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे की वजह से एयरलाइन ने यह कदम उठाया है। 2 अप्रैल की आधी रात से बुक होने वाली सभी नई टिकटों पर यात्रियों को अब पहले से ज्यादा चार्ज देना होगा।
घरेलू उड़ानों के लिए अब कितना देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज?
भारत के अंदर सफर करने वाले यात्रियों के लिए फ्यूल चार्ज को यात्रा की दूरी के हिसाब से बांटा गया है। सरकार ने घरेलू यात्रियों को राहत देने के लिए केवल 25 प्रतिशत यानी 15 रुपये प्रति लीटर की दर से ही बढ़ोतरी को लागू करने का सुझाव दिया है ताकि किराया एकदम से न बढ़े। घरेलू यात्रा के लिए नए चार्ज इस प्रकार हैं:
| यात्रा की दूरी (किमी) | नया फ्यूल चार्ज (रुपये) |
|---|---|
| 500 किमी तक | 275 |
| 501 से 1,000 किमी तक | 400 |
| 1,001 से 1,500 किमी तक | 600 |
| 1,501 से 2,000 किमी तक | 800 |
| 2,000 किमी से अधिक | 950 |
खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर क्या होगा असर?
सऊदी अरब, यूएई और अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए अब भारत आना-जाना महंगा होगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में एयरलाइंस को मार्केट के हिसाब से पूरी बढ़ी हुई कीमत चुकानी पड़ रही है। इंडिगो ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग फ्यूल सरचार्ज तय किए हैं।
| क्षेत्र और दूरी | नया फ्यूल चार्ज (रुपये) |
|---|---|
| GCC और मिडिल ईस्ट (2,000 किमी तक) | 3,000 |
| GCC और मिडिल ईस्ट (2,000 किमी से अधिक) | 5,000 |
| दक्षिण पूर्व एशिया और चीन | 3,500 से 5,000 |
| अफ्रीका | 5,000 |
| ग्रीस और तुर्की | 7,500 |
| यूके और यूरोप | 10,000 |
किराया बढ़ाने के पीछे क्या है मुख्य कारण?
इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में एटीएफ की कीमत पिछले महीने के 96,638 रुपये से बढ़कर 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी विमान ईंधन के दाम पिछले एक महीने में दोगुने से ज्यादा बढ़ गए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि सरकार ने घरेलू उड़ानों पर इस बढ़ोतरी को सीमित रखने की कोशिश की है ताकि आम जनता पर ज्यादा बोझ न पड़े। इंडिगो का कहना है कि वे लगातार कीमतों की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर इसमें आगे बदलाव भी किए जा सकते हैं।




