लेबनान में शांति मिशन पर तैनात संयुक्त राष्ट्र के सैनिकों पर हुए हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. इंडोनेशिया के तीन शांति सैनिकों की मौत के बाद अब दुनिया के 60 से ज़्यादा देशों ने एक सुर में इन हमलों की निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र में इंडोनेशिया के राजदूत ने इस मामले पर गहरा गुस्सा और दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. इस घटना के बाद लेबनान में तैनात दूसरे देशों के सैनिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.

👉: US-Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का फैसला, महबूबा मुफ्ती ने किया स्वागत, कहा अब आएगा शांति का दौर

कैसे हुई शांति सैनिकों की मौत और क्या है जांच की रिपोर्ट?

मार्च 2026 के आखिरी दिनों में लेबनान में तीन इंडोनेशियाई शांति सैनिकों की जान चली गई थी. संयुक्त राष्ट्र की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि एक सैनिक की मौत इजरायली टैंक के गोले से हुई थी. वहीं दो अन्य सैनिकों की मौत एक सड़क किनारे रखे गए बम धमाके में हुई, जिसके पीछे हिजबुल्लाह का हाथ होने की आशंका जताई गई है. इसके अलावा 7 अप्रैल को इजरायली सेना द्वारा एक शांति सैनिक को हिरासत में लेने की घटना भी सामने आई थी, जिसे बाद में छोड़ दिया गया. इन घटनाओं ने शांति मिशन के काम में बड़ी रुकावट पैदा की है.

संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?

  • इंडोनेशिया: इंडोनेशिया ने साफ कहा है कि शांति सैनिकों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए.
  • 60 से अधिक देश: भारत, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों के साथ मिलकर कुल 60 देशों ने एक साझा बयान जारी कर शांति मिशन का समर्थन किया है.
  • MIKTA ग्रुप: तुर्की, मैक्सिको, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया ने भी इन हत्याओं की सख्त निंदा की है.
  • UNIFIL नियम: संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार शांति सैनिकों को केवल आत्मरक्षा में हथियार चलाने की अनुमति है और उन पर हमला करना युद्ध अपराध माना जा सकता है.
  • सुरक्षा परिषद: इंडोनेशिया की अपील पर सुरक्षा परिषद ने इस मामले में इमरजेंसी मीटिंग की है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके.

शांति मिशन के भविष्य और क्षेत्र के हालात पर असर

लेबनान में बढ़ते तनाव के कारण वहां मौजूद आम नागरिकों के साथ-साथ शांति सैनिकों के लिए भी खतरा बढ़ गया है. लेबनान के प्रधानमंत्री ने बताया कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों में बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (UNIFIL) का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक के लिए बढ़ाया गया है, लेकिन मौजूदा हमलों ने इस मिशन की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय ने दोहराया है कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र को और अधिक अस्थिर कर रही है और शांति बनाए रखने के प्रयासों को नुकसान पहुंचा रही है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com