US-Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का फैसला, महबूबा मुफ्ती ने किया स्वागत, कहा अब आएगा शांति का दौर
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की खबर से दुनिया भर में राहत मिली है। PDP की नेता महबूबा मुफ्ती ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे पूरे इलाके में लंबे समय तक शांति बनी रहेगी। उनके मुताबिक यह कदम सभी के लिए खुशी की बात है और एक सकारात्मक शुरुआत है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ समझौता?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 7 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान किया था। इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। ईरान ने बातचीत के लिए 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव रखा था। इन दोनों देशों के बीच बातचीत 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद, पाकिस्तान में होनी तय हुई है।
किन मुद्दों पर अभी भी विवाद जारी है?
इस समझौते के बावजूद कुछ बड़े मुद्दे अभी भी सुलझे नहीं हैं, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
- लेबनान मामला: इस युद्धविराम में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पूरी ताकत से जारी रहेगी।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: अमेरिका चाहता है कि ईरान इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोले, जबकि ईरान इसे अपने नियंत्रण में रखना चाहता है।
- सफेद घर का बयान: व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया था।
अन्य नेताओं ने इस फैसले पर क्या कहा?
इस युद्धविराम पर जम्मू-कश्मीर के कई बड़े नेताओं ने अपनी राय रखी है:
| नेता का नाम | बयान/नजरिया |
|---|---|
| Mehbooba Mufti | उन्होंने कहा कि युद्धविराम एक सकारात्मक कदम है और भारत-पाकिस्तान को भी आपसी विवाद सुलझाने के लिए बातचीत करनी चाहिए। |
| Farooq Abdullah | उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि संवाद ही एकमात्र रास्ता है और युद्ध कभी समाधान नहीं होता। |
| Tariq Hameed Karra | उन्होंने इसे स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक समझदारी भरा और समय पर लिया गया कदम बताया। |




