ईरान के Ahvaz एयरपोर्ट पर अमेरिका और इसराइल का बड़ा हमला, न्यूक्लियर प्लांट के पास भी गिरा बम, मची तबाही.
ईरान के Ahvaz (अहवाज़) शहर में उस समय हड़कंप मच गया जब वहां के एयरपोर्ट पर अमेरिका और इसराइल के हमलों की खबर आई। 5 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों के बाद पूरे इलाके में फाइटर जेट्स की गूंज सुनाई दी। बताया जा रहा है कि यह हमला उसी कड़ी का हिस्सा है जो पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और अमेरिका-इसराइल गठबंधन के बीच चल रहा है। इस टकराव ने अब खाड़ी देशों की चिंता भी बढ़ा दी है क्योंकि हमले अब रिहायशी और महत्वपूर्ण ठिकानों तक पहुँच रहे हैं।
👉: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी अंतिम चेतावनी, सोमवार तक रास्ता नहीं खुला तो बिजली घर होंगे तबाह.।
हमले में क्या हुआ और जान-माल का कितना नुकसान हुआ?
5 अप्रैल को हुए इन हमलों में काफी नुकसान की खबरें हैं। ईरान के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है, जो एक अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए चल रहे ऑपरेशन के दौरान मारे गए। सबसे चौंकाने वाली खबर Bushehr न्यूक्लियर पावर प्लांट से आई, जहाँ पास में ही एक गोला गिरने से एक कर्मचारी की मौत हो गई। हालांकि International Atomic Energy Agency (IAEA) ने कहा है कि रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।
| तारीख | असर और घटना |
|---|---|
| 5 अप्रैल 2026 | अहवाज़ एयरपोर्ट और Bushehr न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला |
| 3 अप्रैल 2026 | अहवाज़ में एक बड़ी स्टील फैक्ट्री पर बमबारी हुई |
| 1 अप्रैल 2026 | ईरान के कई बड़े शहरों में धमाके रिपोर्ट किए गए |
| 28 फरवरी 2026 | ईरान पर अमेरिका और इसराइल के बड़े हमलों की शुरुआत |
ट्रंप की चेतावनी और इसराइल की सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पुष्टि की है कि उनके एक गिरे हुए F-15 फाइटर जेट के क्रू मेंबर को सही-सलामत बचा लिया गया है। ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि वह Strait of Hormuz को खुला रखे, वरना उसके एनर्जी सेक्टर पर और भी हमले होंगे। वहीं इसराइल (IDF) का कहना है कि उन्होंने तेहरान में खुफिया विभाग और Quds Force के ठिकानों सहित अब तक 10,000 हवाई हमले किए हैं। इस संघर्ष में अब तक 1,340 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है।
- ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के हमलों को बर्दाश्त से बाहर बताया है।
- हमलों की वजह से ईरान के Isfahan और Bushehr जैसे शहरों में अलर्ट जारी है।
- खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
- IAEA ने परमाणु केंद्रों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है।




