Iran Attack Update: ईरान के अहवाज़ में सैन्य हमला, एक बच्चे की मौत और माता-पिता घायल
ईरान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुज़ेस्तान के अहवाज़ शहर में हुए एक हमले में एक बच्चे की जान चली गई है। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, इस हमले में बच्चे के माता-पिता भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह हमला अमेरिकी या इजरायली सेना द्वारा किया गया है। खुज़ेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर वलीउल्लाह हयाती ने इस घटना की पुष्टि की और बताया कि हमले ने तीन लोगों के एक परिवार को अपनी चपेट में ले लिया है।
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हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां और नुकसान
अहवाज़ में हुआ यह हमला 21 मार्च 2026 को रिपोर्ट किया गया। अधिकारियों के अनुसार, अहवाज़ के पास अगाजारी में भी एक रिहायशी मकान पर एक गोला गिरा जो फटा नहीं, जिसके कारण वहां कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। इराक के नेशनल विजडम मूवमेंट के नेता अम्मार अल-हकीम ने ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई को गलत बताया है और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से युद्ध रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की है।
- पीड़ित: एक बच्चे की मौत और उसके माता-पिता घायल हुए हैं।
- स्थान: खुज़ेस्तान प्रांत का अहवाज़ शहर और अगाजारी इलाका।
- आरोप: ईरानी मीडिया ने हमले के लिए US और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान में पिछले 24 घंटों के अन्य बड़े घटनाक्रम
ईरान में तनाव केवल अहवाज़ तक सीमित नहीं है। नतांज परमाणु केंद्र पर भी हमले की खबरें मिली हैं, जिसकी जांच अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA कर रही है। इसके अलावा, तेहरान में नए साल के मौके पर धमाकों और एयर डिफेंस की आवाज़ें सुनी गई हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने साफ किया है कि जब तक ईरान से खतरा बना रहेगा, तब तक उनके सैन्य अभियान जारी रहेंगे।
| घटना का प्रकार | स्थान | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| सैन्य हमला | अहवाज़ | बच्चे की मौत, माता-पिता अस्पताल में |
| परमाणु केंद्र हमला | नतांज | IAEA द्वारा रिपोर्ट की जांच जारी |
| विस्फोट | तेहरान | एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुआ |
| बयान | अमेरिका | खतरा खत्म होने तक हमले जारी रखने का ऐलान |
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिटेन को भी चेतावनी दी है कि वह अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति न दे, क्योंकि इससे ब्रिटिश नागरिकों की जान को खतरा हो सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और जर्मनी जैसे देशों ने अपने यहां सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है।




