अमेरिका के एक्सपर्ट का बड़ा दावा, दुनिया के 5 सबसे ताकतवर देशों में शामिल हुआ ईरान, भारत पर भी होगा असर
अमेरिका के मशहूर एयर पावर एक्सपर्ट Professor Robert Pape ने ईरान की बढ़ती ताकत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ANI के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान अब दुनिया के पांच सबसे शक्तिशाली देशों की लिस्ट में शामिल हो चुका है। एक्सपर्ट का मानना है कि मौजूदा तनाव के बीच ईरान पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और ताकतवर बनकर उभरा है। यह खबर दुनिया भर के बाजारों और खासकर तेल की सप्लाई पर बड़ा असर डाल सकती है।
ईरान आखिर इतना शक्तिशाली कैसे बन गया?
Professor Robert Pape के मुताबिक ईरान की ताकत का सबसे बड़ा कारण Strait of Hormuz पर उसका नियंत्रण है। दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है, जिससे ईरान ग्लोबल ऑयल मार्केट पर कब्जा रखता है। एक्सपर्ट का कहना है कि ईरान सीधे युद्ध करने के बजाय अपने समर्थकों और आर्थिक ठिकानों पर हमला करने की रणनीति अपना रहा है। इससे पश्चिमी देशों के लिए राजनीतिक और आर्थिक मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पिछले 29 दिनों के संघर्ष के बाद ईरान की स्थिति और भी मजबूत हुई है।
भारत और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
इस पूरे मामले में भारत का रोल भी काफी अहम हो गया है क्योंकि ग्लोबल एनर्जी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। Professor Pape के अनुसार, भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों को देखते हुए धीरे-धीरे ईरान के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है। एक्सपर्ट ने युद्ध को लेकर कुछ और बड़ी बातें साझा की हैं:
| विषय | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| हमले की संभावना | अमेरिका द्वारा ईरान पर जमीनी हमले की 70% संभावना है। |
| Donald Trump की चेतावनी | पूर्व राष्ट्रपति ने ईरान के बिजली घरों को तबाह करने की धमकी दी है। |
| भारत का स्टैंड | भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए ईरान के करीब जा रहा है। |
| EU की बैठक | यूरोपीय देश तेल संकट से निपटने के लिए जल्द मीटिंग करेंगे। |
| सैन्य रैंकिंग | Global Firepower 2026 में ईरान को 16वां स्थान मिला है। |
ईरान की इस बढ़ती ताकत ने खाड़ी देशों में तनाव बढ़ा दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह संघर्ष और खिंचता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि उसे अपने व्यापारिक हितों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच तालमेल बिठाना होगा।




