अरब लीग काउंसिल ने ईरान द्वारा कई अरब देशों पर किए गए हमलों की एक बार फिर कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रियों के स्तर पर हुई इस बैठक में ईरान के इन हमलों को जानबूझकर किया गया उकसावा बताया गया है। बैठक में यह साफ किया गया कि ये हमले न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं, बल्कि देशों की संप्रभुता का भी सीधा उल्लंघन हैं। अरब लीग ने इन हमलों के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

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किन देशों और जगहों को बनाया गया निशाना?

काउंसिल ने जानकारी दी कि ईरान के इन हमलों ने कई अरब देशों को प्रभावित किया है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए यह सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मामला है। बैठक में बताया गया कि इन हमलों में निम्नलिखित जगहों को नुकसान पहुंचाया गया है:

  • आम नागरिकों के रिहायशी इलाके और घर
  • देशों का अहम बुनियादी ढांचा और इंफ्रास्ट्रक्चर
  • डिप्लोमैटिक मिशन और दूतावास की इमारतें
  • विभिन्न देशों में स्थित होटल और नागरिक संपत्तियां

इन हमलों से प्रभावित होने वाले मुख्य देशों में यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कतर, कुवैत और इराक का नाम शामिल है।

अरब लीग की बैठक में क्या बातें सामने आईं?

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता डॉक्टर अब्दुलअती ने की। काउंसिल ने ईरान के इन कदमों को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है। अरब लीग के सदस्यों ने कहा कि रिहायशी इलाकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासियों के लिए इस तरह के तनाव चिंता का विषय होते हैं, क्योंकि इन देशों की शांति और सुरक्षा वहां की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर सीधा असर डालती है। अरब लीग ने स्पष्ट किया है कि वह अपने सदस्य देशों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और बाहरी दखल का विरोध करना जारी रखेगी।